Breaking News
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में अवसरों को लेकर इंटर्न्स को मिला मार्गदर्शन
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में अवसरों को लेकर इंटर्न्स को मिला मार्गदर्शन
खेल विश्वविद्यालय के लिए वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ी, 8.57 करोड़ रुपये स्वीकृत
खेल विश्वविद्यालय के लिए वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ी, 8.57 करोड़ रुपये स्वीकृत
हाई ब्लड प्रेशर और शुगर बढ़ा सकते हैं किडनी रोग का खतरा, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी
हाई ब्लड प्रेशर और शुगर बढ़ा सकते हैं किडनी रोग का खतरा, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी
दून पुलिस की बड़ी कार्यवाही- किरायेदारों का सत्यापन न कराने पर 92 मकान मालिकों पर 9.20 लाख का जुर्माना
दून पुलिस की बड़ी कार्यवाही- किरायेदारों का सत्यापन न कराने पर 92 मकान मालिकों पर 9.20 लाख का जुर्माना
ओटीटी पर छाई प्रियंका चोपड़ा की ‘द ब्लफ’, व्यूअरशिप में बनी नंबर 1
ओटीटी पर छाई प्रियंका चोपड़ा की ‘द ब्लफ’, व्यूअरशिप में बनी नंबर 1
संसद में हर सदस्य को नियमों के तहत अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है- ओम बिरला
संसद में हर सदस्य को नियमों के तहत अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है- ओम बिरला
आईपीएल 2026 के पहले चरण का शेड्यूल जारी, 28 मार्च से होगा रोमांचक आगाज
आईपीएल 2026 के पहले चरण का शेड्यूल जारी, 28 मार्च से होगा रोमांचक आगाज
पीएमजीएसवाई प्रथम के अंतर्गत अवशेष सड़कों को पूरा करने की समय सीमा 31 मार्च 2027 तक बढ़ी
पीएमजीएसवाई प्रथम के अंतर्गत अवशेष सड़कों को पूरा करने की समय सीमा 31 मार्च 2027 तक बढ़ी
घरेलू गैस की आपूर्ति में कोई कमी नहीं- महाराज
घरेलू गैस की आपूर्ति में कोई कमी नहीं- महाराज
जस्टिस संजीव खन्ना होंगे देश के 51वें मुख्य न्यायाधीश, 11 नवंबर को लेंगे शपथ

नई दिल्ली। जस्टिस संजीव खन्ना भारत के 51वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) बनने जा रहे हैं। मौजूदा चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने अपने उत्तराधिकारी के रूप में जस्टिस खन्ना का नाम केंद्र सरकार को भेज दिया है। डीवाई चंद्रचूड़ 10 नवंबर को सेवानिवृत्त होंगे, जिसके बाद 11 नवंबर को जस्टिस खन्ना नए मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ लेंगे। उनका कार्यकाल 13 मई, 2025 तक रहेगा।

सरकार ने मांगा था नाम
परंपरा के अनुसार, केंद्र सरकार ने 12 अक्टूबर को मौजूदा चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ से उनके उत्तराधिकारी का नाम मांगा था। इसके जवाब में जस्टिस चंद्रचूड़ ने जस्टिस संजीव खन्ना को अपने उत्तराधिकारी के रूप में प्रस्तावित किया है। सरकार की मंजूरी के बाद, 11 नवंबर से जस्टिस खन्ना की नियुक्ति प्रभावी हो जाएगी।

संजीव खन्ना का कानूनी सफर
जस्टिस खन्ना का कानूनी करियर बेहतरीन रहा है। उन्होंने 1983 में दिल्ली बार काउंसिल में नामांकन के साथ अपने करियर की शुरुआत की। उन्हें 2005 में दिल्ली उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया और 2006 में स्थायी न्यायाधीश बने। 2019 में वे सीधे सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश बने, बिना किसी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का पद संभाले।

जस्टिस खन्ना के इस नए कार्यकाल से न्यायिक प्रक्रिया में उनकी विशेषज्ञता और योगदान से देश को लाभ मिलेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top