Breaking News
जनगणना 2026 की तैयारियों की जिलाधिकारी ने की विस्तृत समीक्षा, 25 अप्रैल से प्रारंभ होगा प्रथम चरण
जनगणना 2026 की तैयारियों की जिलाधिकारी ने की विस्तृत समीक्षा, 25 अप्रैल से प्रारंभ होगा प्रथम चरण
जनगणना 2026 की तैयारियों की जिलाधिकारी ने की विस्तृत समीक्षा, 25 अप्रैल से प्रारंभ होगा प्रथम चरण
जनगणना 2026 की तैयारियों की जिलाधिकारी ने की विस्तृत समीक्षा, 25 अप्रैल से प्रारंभ होगा प्रथम चरण
जनगणना 2026 की तैयारियों की जिलाधिकारी ने की विस्तृत समीक्षा, 25 अप्रैल से प्रारंभ होगा प्रथम चरण
जनगणना 2026 की तैयारियों की जिलाधिकारी ने की विस्तृत समीक्षा, 25 अप्रैल से प्रारंभ होगा प्रथम चरण
देहरादून में महिला जन आक्रोश रैली, मुख्यमंत्री धामी हुए शामिल
देहरादून में महिला जन आक्रोश रैली, मुख्यमंत्री धामी हुए शामिल
देहरादून में महिला जन आक्रोश रैली, मुख्यमंत्री धामी हुए शामिल
देहरादून में महिला जन आक्रोश रैली, मुख्यमंत्री धामी हुए शामिल
देहरादून में महिला जन आक्रोश रैली, मुख्यमंत्री धामी हुए शामिल
देहरादून में महिला जन आक्रोश रैली, मुख्यमंत्री धामी हुए शामिल
आईपीएल 2026- रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच मुकाबला आज
आईपीएल 2026- रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच मुकाबला आज
मुख्यमंत्री धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को दी राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को दी राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की शिष्टाचार भेंट
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की शिष्टाचार भेंट
दिल्ली में पेड़ों की अवैध कटाई पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, DDA अधिकारियों पर जुर्माना और सख्त दिशानिर्देश जारी

सड़क निर्माण और वनरोपण से जुड़ी सभी गतिविधियों में अदालत को सूचना देना जरूरी

वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन

नई दिल्ली।  सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के दक्षिणी रिज क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण के नाम पर पेड़ों की अवैध कटाई को गंभीरता से लेते हुए डीडीए अधिकारियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने इस कार्रवाई को अवमानना की श्रेणी में रखा और स्पष्ट किया कि पर्यावरण संरक्षण के नियमों का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने निर्देश दिया कि भविष्य में वृक्षारोपण, निर्माण कार्य या किसी भी प्रकार के पारिस्थितिक प्रभाव वाले फैसलों में अदालत के समक्ष लंबित मामलों का उल्लेख अनिवार्य होगा। सुप्रीम कोर्ट ने डीडीए और दिल्ली सरकार को सलाह देने के लिए एक तीन सदस्यीय समिति भी गठित की है, जो हरित क्षेत्र बढ़ाने और वृक्षारोपण को प्रोत्साहित करने पर सुझाव देगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top