Breaking News
भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति में विकास का रोडमैप तैयार, विकसित उत्तराखंड पर हुआ मंथन
भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति में विकास का रोडमैप तैयार, विकसित उत्तराखंड पर हुआ मंथन
बेटी की बीमारी को बताया जादू-टोने का असर, देवरानी की गला घोंटकर कर दी हत्या
बेटी की बीमारी को बताया जादू-टोने का असर, देवरानी की गला घोंटकर कर दी हत्या
थाने के पास SBI ग्राहक सेवा केंद्र में चोरी, दो लैपटॉप और 17 हजार रुपये ले गए चोर
थाने के पास SBI ग्राहक सेवा केंद्र में चोरी, दो लैपटॉप और 17 हजार रुपये ले गए चोर
श्रमशक्ति नहीं, बल्कि उत्तराखंड की विकासशक्ति हैं श्रमिक- महाराज
श्रमशक्ति नहीं, बल्कि उत्तराखंड की विकासशक्ति हैं श्रमिक- महाराज
आभूषण दुकानदार को गोली मारकर लूट, तीन बदमाश अपाचे से फरार; पुलिस ने तेज की जांच
आभूषण दुकानदार को गोली मारकर लूट, तीन बदमाश अपाचे से फरार; पुलिस ने तेज की जांच
12 सितंबर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, समझौते से होगा मामलों का त्वरित निस्तारण
12 सितंबर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, समझौते से होगा मामलों का त्वरित निस्तारण
पौड़ी में पशुपालन योजनाओं से 1,726 ग्रामीणों को मिला स्वरोजगार, 8.64 करोड़ की सहायता
पौड़ी में पशुपालन योजनाओं से 1,726 ग्रामीणों को मिला स्वरोजगार, 8.64 करोड़ की सहायता
15 सितम्बर से 18 अक्टूबर तक आयोजित होगा ‘सेवा संकल्प अभियान’
15 सितम्बर से 18 अक्टूबर तक आयोजित होगा ‘सेवा संकल्प अभियान’
शादी के नाम पर ठगी-लूट का आरोप, बरवाअड्डा पुलिस ने 10 को दबोचा; 3 महिलाएं भी शामिल
शादी के नाम पर ठगी-लूट का आरोप, बरवाअड्डा पुलिस ने 10 को दबोचा; 3 महिलाएं भी शामिल
धराली आपदा के कारणों की पड़ताल में जुटे शीर्ष वैज्ञानिक

भूस्खलन शमन, भूविज्ञान और भवन अनुसंधान संस्थानों के विशेषज्ञ कर रहे स्थलीय जांच

धराली। आपदा प्रभावित धराली क्षेत्र में नुकसान और घटना के संभावित कारणों की जांच के लिए शासन द्वारा गठित विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुँची। टीम में उत्तराखंड भूस्खलन शमन एवं प्रबंधन केंद्र (ULMMC) के निदेशक शांतनु सरकार, केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (CBRI) रुड़की के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. डी.पी. कानूनगो, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) के निदेशक रवि नेगी, वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. अमित कुमार और ULMMC के प्रधान सलाहकार मोहित कुमार शामिल रहे।

विशेषज्ञों ने प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करते हुए मलबे के नमूनों का संग्रह किया, खीरगाड़ के प्रवाह क्षेत्र और मलबे के फैलाव का अध्ययन किया तथा स्थानीय निवासियों से प्रत्यक्ष जानकारी जुटाई। जांच का कार्य आगे भी जारी रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top