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बाबा चैतन्यानंद का पर्दाफाश: फर्जी UN कार्ड, अश्लील हरकतें और अरबों की साजिश

नई दिल्ली/आगरा: दिल्ली पुलिस ने 17 छात्राओं से छेड़छाड़ के मामले में फरार चल रहे फर्जी बाबा चैतन्यानंद सरस्वती को उत्तर प्रदेश के आगरा से गिरफ्तार कर लिया है। खुद को आध्यात्मिक गुरु बताने वाले आरोपी बाबा असल में फर्जी दस्तावेजों और पहचान के सहारे न सिर्फ महिलाओं को गुमराह करता था, बल्कि सरकार और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से जुड़ा बताकर रुतबा भी झाड़ता था। दिल्ली पुलिस की टीम आरोपी को आगरा से दिल्ली ला चुकी है, आज उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।

क्या है पूरा मामला?

दिल्ली के वसंत कुंज स्थित शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट एंड रिसर्च में पढ़ने वाली पीजी डिप्लोमा छात्राओं ने बाबा चैतन्यानंद पर छेड़छाड़ और अश्लील हरकतों के गंभीर आरोप लगाए थे। संस्थान प्रबंधन की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज किया, जिसके बाद बाबा फरार हो गया।

फर्जी दस्तावेज का सच आया सामने 

दिल्ली पुलिस की जांच में पता चला है कि चैतन्यानंद सरस्वती ने खुद को संयुक्त राष्ट्र (UN) और ब्रिक्स (BRICS) जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों से जुड़ा हुआ दिखाने के लिए फर्जी विजिटिंग कार्ड और आईडी कार्ड बनवा रखे थे। एक कार्ड में वह UN का स्थायी राजदूत बताया गया है। दूसरे कार्ड में खुद को ब्रिक्स कमीशन का मेंबर और स्पेशल एनवॉय बताया है। इन फर्जी पहचान पत्रों का इस्तेमाल वह लोगों पर प्रभाव जमाने और खुद को ऊंचे ओहदे वाला बताने के लिए करता था।

गिरफ्तारी कैसे हुई?

दिल्ली पुलिस की एक विशेष टीम आरोपी की तलाश में कई राज्यों में लगातार छापेमारी कर रही थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी हर दिन अपना ठिकाना बदल रहा था। आखिरकार आगरा के होटल फर्स्ट ताजगंज के कमरे नंबर 101 से बाबा को पकड़ा  गया। होटल स्टाफ ने बताया कि आरोपी ने खुद को ‘स्वामी पार्थसारथी’ के नाम से होटल रजिस्टर में दर्ज करवाया और शनिवार शाम चार बजे चेक-इन किया था।

खरबों की संपत्ति को कब्जाना चाहता था चैतन्यानंद 

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि बाबा तीन खरब से अधिक की संपत्ति पर कब्जा करना चाहता था। आरोप है कि उसने पीठ के विश्वास को तोड़ा और आश्रम की कई इमारतों को किराए पर देने के बाद, मिलने वाले 60 लाख रुपये प्रति माह का किराया भी गबन किया है। इस संबंध में 23 जुलाई 2025 को वसंतकुंज (नॉर्थ) थाने में धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने की एफआईआर दर्ज की गई थी।

अब तक दर्ज हो चुके हैं तीन मामले

पीठ की संपत्ति हड़पने और धोखाधड़ी का मामला

छात्राओं के साथ छेड़छाड़ और अश्लील हरकत

फर्जी नंबर प्लेट और लग्जरी गाड़ियों का गलत इस्तेमाल

बाबा चैतन्यानंद का मामला सिर्फ एक छेड़छाड़ या ठगी का नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि कैसे धार्मिक आड़ में फर्जीवाड़ा कर कुछ लोग मासूमों की भावनाओं और विश्वास के साथ खिलवाड़ करते हैं।

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