Breaking News
ओटीटी पर छाई प्रियंका चोपड़ा की ‘द ब्लफ’, व्यूअरशिप में बनी नंबर 1
ओटीटी पर छाई प्रियंका चोपड़ा की ‘द ब्लफ’, व्यूअरशिप में बनी नंबर 1
संसद में हर सदस्य को नियमों के तहत अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है- ओम बिरला
संसद में हर सदस्य को नियमों के तहत अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है- ओम बिरला
आईपीएल 2026 के पहले चरण का शेड्यूल जारी, 28 मार्च से होगा रोमांचक आगाज
आईपीएल 2026 के पहले चरण का शेड्यूल जारी, 28 मार्च से होगा रोमांचक आगाज
पीएमजीएसवाई प्रथम के अंतर्गत अवशेष सड़कों को पूरा करने की समय सीमा 31 मार्च 2027 तक बढ़ी
पीएमजीएसवाई प्रथम के अंतर्गत अवशेष सड़कों को पूरा करने की समय सीमा 31 मार्च 2027 तक बढ़ी
घरेलू गैस की आपूर्ति में कोई कमी नहीं- महाराज
घरेलू गैस की आपूर्ति में कोई कमी नहीं- महाराज
डॉल्फिन इंस्टीट्यूट में ‘क्राफ्ट डेमोंस्ट्रेशन सह जागरूकता कार्यक्रम’ के दूसरे दिन भीमल हस्तशिल्प और उद्यमिता पर रहा विशेष जोर
डॉल्फिन इंस्टीट्यूट में ‘क्राफ्ट डेमोंस्ट्रेशन सह जागरूकता कार्यक्रम’ के दूसरे दिन भीमल हस्तशिल्प और उद्यमिता पर रहा विशेष जोर
उत्तराखंड की पुष्पा कुकरेती ‘नेशनल सिविलियन अवॉर्ड 2026′ से सम्मानित
उत्तराखंड की पुष्पा कुकरेती ‘नेशनल सिविलियन अवॉर्ड 2026′ से सम्मानित
देहरादून एसएसपी से मिलने पहुंची नन्ही बच्ची, फूल देकर जताया पुलिस के प्रति सम्मान
देहरादून एसएसपी से मिलने पहुंची नन्ही बच्ची, फूल देकर जताया पुलिस के प्रति सम्मान
खाना खाने के बाद क्यों आती है नींद? जानिए क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ
खाना खाने के बाद क्यों आती है नींद? जानिए क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ
भारत की ज्ञान-परंपरा ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के आदर्श पर आधारित है- त्रिवेन्द्र रावत

वैश्विक शिक्षा पर डोईवाला में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए त्रिवेन्द्र सिंह रावत 

देहरादून। हरिद्वार सांसद एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत संसदीय क्षेत्र स्थित शहीद दुर्गामल्ल राजकीय पीजी कॉलेज, डोईवाला द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (International Conference) में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। सम्मेलन में विभिन्न देशों एवं प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के शिक्षाविदों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने भाग लिया तथा वैश्विक शिक्षा, नवाचार और सतत विकास के विषयों पर विचार-विमर्श किया।

अपने संबोधन में सांसद रावत ने कहा कि भारत की ज्ञान-परंपरा ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के आदर्श पर आधारित है। आज जब भारत ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प की ओर अग्रसर है, तब शिक्षा और अनुसंधान ही वह आधार हैं जो हमारे युवाओं को विश्व-नेतृत्व के लिए तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति (NEP-2020) भारत की सांस्कृतिक जड़ों और आधुनिक तकनीकी दृष्टिकोण का अद्भुत संगम है, जो ग्रामीण से वैश्विक स्तर तक ज्ञान का लोकतंत्रीकरण सुनिश्चित कर रही है।

सांसद रावत ने इस अवसर पर हिंदी और संस्कृत के प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि हमें अपनी मातृभाषा हिंदी और संस्कृत के अधिकाधिक उपयोग को हर मंच पर प्रोत्साहित करना चाहिए। भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति और विचारों का संवाहक है। भारत तब ही विश्वगुरु बनेगा जब हम अपनी भाषायी जड़ों से आत्मविश्वासपूर्वक जुड़े रहेंगे।

उन्होंने शहीद दुर्गामल्ल जी की स्मृति को नमन करते हुए कहा कि उनके नाम पर स्थापित यह शिक्षण संस्थान केवल उच्च शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि देशभक्ति, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रेरक स्रोत है। उन्होंने कहा कि ऐसे शैक्षणिक मंच युवाओं को न केवल अध्ययन का अवसर देते हैं, बल्कि ‘लोकल टू ग्लोबल’ दृष्टिकोण को सशक्त करते हैं — यही भविष्य के विकसित भारत की पहचान है।

कार्यक्रम में विधायक डोईवाला बृज भूषण गैरोला, प्रधानाचार्य प्रो. पी. डी. भट्ट, कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष प्रो. मनमोहन कृष्णा, प्रो. अमित ठाकुर, प्रो. एस. पी. सिंह (IIT रूड़की), विनोद श्रीवास्तव, प्रो. सी. वा. सिंह (बुंदेलखंड विश्वविद्यालय), डॉ. राकेश भटर, सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्ध जन, शिक्षाविद एवं विधार्थी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top