Breaking News
युवती से बातचीत बनी जानलेवा, चाकू से हमले में 22 वर्षीय युवक की मौत
युवती से बातचीत बनी जानलेवा, चाकू से हमले में 22 वर्षीय युवक की मौत
सूरज हत्याकांड में STF की बड़ी कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार; मुख्य आरोपी साहिल अब भी फरार
सूरज हत्याकांड में STF की बड़ी कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार; मुख्य आरोपी साहिल अब भी फरार
अमृतसर में संयुक्त ऑपरेशन की बड़ी कामयाबी, सीमा पार नेटवर्क से जुड़े दो आरोपी गिरफ्तार
अमृतसर में संयुक्त ऑपरेशन की बड़ी कामयाबी, सीमा पार नेटवर्क से जुड़े दो आरोपी गिरफ्तार
कैबिनेट मंत्री महाराज की छवि को नुकसान पहुंचाने वालों पर होगी कानूनी कार्यवाही
कैबिनेट मंत्री महाराज की छवि को नुकसान पहुंचाने वालों पर होगी कानूनी कार्यवाही
देहरादून के दून विहार में नई स्कॉर्पियो में लगी भीषण आग, टला बड़ा हादसा
देहरादून के दून विहार में नई स्कॉर्पियो में लगी भीषण आग, टला बड़ा हादसा
फीफा विश्व कप 2026 का काउंटडाउन शुरू, 11 जून से होगा आगाज
फीफा विश्व कप 2026 का काउंटडाउन शुरू, 11 जून से होगा आगाज
200 टन कॉपर दिलाने का झांसा देकर 25.75 लाख की ठगी, खुद को कस्टम अधिकारी बताकर बनाया शिकार
200 टन कॉपर दिलाने का झांसा देकर 25.75 लाख की ठगी, खुद को कस्टम अधिकारी बताकर बनाया शिकार
फायरिंग केस में खान सर को बड़ी राहत, पटना सिविल कोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक
फायरिंग केस में खान सर को बड़ी राहत, पटना सिविल कोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक
उक्रांद महानगर अध्यक्ष मोहित साह की पत्नी ने खुद को लगाई आग, शादी की 18वीं सालगिरह के दिन घर में पसरा मातम
उक्रांद महानगर अध्यक्ष मोहित साह की पत्नी ने खुद को लगाई आग, शादी की 18वीं सालगिरह के दिन घर में पसरा मातम
विधि-विधान के साथ बंद हुए तृतीय केदार तुंगनाथ मंदिर के कपाट

इस वर्ष डेढ़ लाख श्रद्धालुओं ने किए भगवान तुंगनाथ के दर्शन

रुद्रप्रयाग।  तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ मंदिर के कपाट शीतकालीन प्रवास के लिए विधि-विधान के साथ आज बंद कर दिए गए। इस वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने ऊँचाई पर स्थित इस पवित्र धाम में दर्शन किए। आंकड़ों के अनुसार इस बार लगभग डेढ़ लाख भक्तों ने तुंगनाथ पहुंचकर बाबा के दर्शन प्राप्त किए।

कपाट बंद होने के साथ ही भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह डोली आज प्रथम पड़ाव चोपता के लिए रवाना हुई। कपाट बंद होने की इस ऐतिहासिक और भावुक प्रक्रिया का साक्षी बनने के लिए 500 से अधिक श्रद्धालु मंदिर परिसर में उपस्थित रहे।

बदरी-केदार मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल की मौजूदगी में सुबह करीब साढ़े दस बजे कपाट बंद करने की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू हुई। भोग, यज्ञ और हवन के बाद भगवान तुंगनाथ के स्वयंभू शिवलिंग को समाधि रूप देकर ठीक 11:30 बजे मंदिर के मुख्य द्वार शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top