Breaking News
बुजुर्गों ही नहीं, युवाओं और बच्चों में भी बढ़ रही सुनने की समस्या, जानिए इसके कारण
बुजुर्गों ही नहीं, युवाओं और बच्चों में भी बढ़ रही सुनने की समस्या, जानिए इसके कारण
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अपने शासकीय आवास पर किया पौधरोपण
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अपने शासकीय आवास पर किया पौधरोपण
माइकल जैक्सन की बायोपिक ‘माइकल’ का ट्रेलर रिलीज, दिखेगा पॉप किंग का पूरा सफर
माइकल जैक्सन की बायोपिक ‘माइकल’ का ट्रेलर रिलीज, दिखेगा पॉप किंग का पूरा सफर
मार्च की शुरुआत में ही गर्मी ने दिखाए तेवर, प्रदेश में तेजी से बढ़ रहा तापमान
मार्च की शुरुआत में ही गर्मी ने दिखाए तेवर, प्रदेश में तेजी से बढ़ रहा तापमान
चमोली के जंगलों में भीषण आग का कहर, कई हेक्टेयर क्षेत्र हुआ जलकर खाक
चमोली के जंगलों में भीषण आग का कहर, कई हेक्टेयर क्षेत्र हुआ जलकर खाक
“परिवर्तन यात्रा” का उद्देश्य राज्य में राजनीतिक बदलाव लाना और विकास को गति देना है- अमित शाह
“परिवर्तन यात्रा” का उद्देश्य राज्य में राजनीतिक बदलाव लाना और विकास को गति देना है- अमित शाह
शिकायतों पर तत्पर प्रशासन- हर प्रकरण की साप्ताहिक समीक्षा के निर्देश
शिकायतों पर तत्पर प्रशासन- हर प्रकरण की साप्ताहिक समीक्षा के निर्देश
उत्तराखण्ड की सुप्रसिद्ध विजुअल आर्टिस्ट सुलभा जोशी बनीं अंतरराष्ट्रीय जूरी सदस्य
उत्तराखण्ड की सुप्रसिद्ध विजुअल आर्टिस्ट सुलभा जोशी बनीं अंतरराष्ट्रीय जूरी सदस्य
मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित हुआ भव्य होली मिलन समारोह, लोकसंस्कृति के रंगों से सजा माहौल
मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित हुआ भव्य होली मिलन समारोह, लोकसंस्कृति के रंगों से सजा माहौल
ओलंपिक पदक विजेता साइना नेहवाल ने बैडमिंटन को कहा अलविदा

साइना नेहवाल ने 2023 में खेला था आखिरी मुकाबला

नई दिल्ली। भारतीय बैडमिंटन को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाने वाली दिग्गज खिलाड़ी और ओलंपिक पदक विजेता साइना नेहवाल ने प्रतिस्पर्धी खेल से संन्यास की औपचारिक घोषणा कर दी है। लंबे समय से गंभीर घुटने की समस्या से जूझ रहीं साइना ने साफ किया कि अब उनका शरीर अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल की कठोर शारीरिक चुनौतियों के लिए तैयार नहीं है।

साइना ने आखिरी बार वर्ष 2023 में सिंगापुर ओपन में प्रतिस्पर्धी मुकाबला खेला था। हालांकि, उस समय उन्होंने संन्यास की घोषणा नहीं की थी। हाल ही में एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान उन्होंने अपने फैसले को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि वह दो साल पहले ही खेल से दूर हो चुकी थीं और उन्हें लगा कि अलग से संन्यास का ऐलान करना जरूरी नहीं है।

पूर्व विश्व नंबर एक खिलाड़ी ने बताया कि उनके घुटने की कार्टिलेज पूरी तरह घिस चुकी है और उन्हें आर्थराइटिस की समस्या हो गई है। डॉक्टरों की सलाह के बाद उन्होंने यह समझ लिया था कि अब लंबे समय तक कड़ी ट्रेनिंग और तेज मुकाबले खेल पाना संभव नहीं है। साइना के अनुसार, पहले जहां वह दिन में आठ से नौ घंटे तक अभ्यास कर लेती थीं, वहीं बाद में एक-दो घंटे की ट्रेनिंग में ही घुटनों में सूजन आ जाती थी।

साइना ने यह भी कहा कि खिलाड़ी को खुद यह समझना चाहिए कि कब रुकना है। अगर शरीर साथ न दे, तो खेल से सम्मानजनक विदाई लेना ही बेहतर होता है। उन्होंने अपने माता-पिता और कोच को भी पहले ही इस फैसले से अवगत करा दिया था।

गौरतलब है कि साइना के करियर पर रियो ओलंपिक 2016 के दौरान लगी घुटने की चोट का गहरा असर पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने जबरदस्त वापसी करते हुए 2017 विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक और 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता। हालांकि, लगातार उभरती चोटों ने उनके करियर को सीमित कर दिया। वर्ष 2024 में साइना ने सार्वजनिक रूप से घुटनों में आर्थराइटिस और कार्टिलेज खत्म होने की जानकारी साझा की थी, जिसके बाद शीर्ष स्तर पर खेलना लगभग असंभव हो गया।

भारतीय खेल जगत में साइना नेहवाल का योगदान हमेशा याद किया जाएगा और उनका नाम देश की महान खिलाड़ियों की सूची में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top