भूसे के कमरे में मिला मासूम का शव, परिवार के लोगों पर हत्या का केस
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। औद्योगिक थाना क्षेत्र के ब्योहरा गांव में महज पांच रुपये के विवाद में आठ वर्षीय मासूम बच्ची जाह्नवी की बेरहमी से हत्या कर दी गई। आरोप है कि बच्ची के नाबालिग चाचा ने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। हत्या के बाद शव को घर के एक कमरे में भूसे के बीच चादर से ढंककर छिपा दिया गया।
मृतक बच्ची के पिता सुनील कुमार चौधरी मजदूरी का काम करते हैं। सोमवार शाम जब वह काम से लौटे तो उनकी बड़ी बेटी जाह्नवी घर में नहीं मिली। परिवार के अन्य बच्चे बाहर खेल रहे थे, लेकिन जाह्नवी का कहीं पता नहीं चला। काफी देर तक तलाश के बाद परिवारवालों ने पुलिस को सूचना दी और आसपास खोजबीन शुरू की।
इसी दौरान सुनील अपनी बेटी की तलाश करते हुए अपने चाचा मुन्नीलाल के घर पहुंचे। वहां मौजूद परिजनों ने बच्ची के बारे में कोई जानकारी होने से इनकार कर दिया। जब सुनील घर के अंदर जाने लगे तो उन्हें रोकने की कोशिश की गई। शक होने पर वह परिवार के अन्य लोगों के साथ अंदर पहुंचे, जहां भूसा रखने वाले कमरे में चादर से ढंका जाह्नवी का शव मिला। शव खून से लथपथ था और शरीर पर कई गंभीर घाव मौजूद थे।
पुलिस जांच और पूछताछ में सामने आया कि बच्ची को 20 रुपये देकर सामान लाने भेजा गया था। वह 15 रुपये का सामान लेकर लौटी, लेकिन बाकी पांच रुपये को लेकर सवाल पूछे जाने पर सही जवाब नहीं दे पाई। इसी बात को लेकर गुस्से में आकर नाबालिग आरोपी ने परिवारवालों के साथ मिलकर उस पर हंसिए और धारदार हथियार से हमला कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची के शरीर पर 14 गंभीर चोटों के निशान मिले हैं।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने बच्ची के चचेरे दादा मुन्नीलाल, दादी गीता देवी और चाचा करन को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं, वारदात में शामिल नाबालिग आरोपी फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश जारी है।
पुलिस ने मृतका के पिता की शिकायत पर सभी आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही फरार आरोपी को पकड़ लिया जाएगा। इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम और आक्रोश का माहौल है।

