जपला/पलामू। रेलवे संपत्ति चोरी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जपला रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। टीम ने विश्रामपुर की एक कबाड़ दुकान और नौकाडीह-दरुआ गांव में छापेमारी कर करीब 1,020 किलो रेलवे का लोहा और 26 किलो तांबा बरामद किया। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 51,400 रुपये बताई गई है।
आरपीएफ पोस्ट जपला के प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार झा के अनुसार, 26 अगस्त को रेल मदद और सोशल मीडिया पर मिली शिकायत के सत्यापन के दौरान सिगसिगी स्टेशन के पास रेलवे का लोहा चोरी होने की जानकारी मिली थी। जांच के दौरान पता चला कि चोरी की गई रेलवे सामग्री का एक हिस्सा विश्रामपुर स्थित प्रभु साव की कबाड़ दुकान में बेचा गया है, जबकि कुछ सामान नौकाडीह-दरुआ गांव में छिपाकर रखा गया है।
सूचना के आधार पर आरपीएफ जपला की टीम ने अपराध आसूचना शाखा गया और स्थानीय पुलिस के सहयोग से दोनों स्थानों पर छापेमारी की। विश्रामपुर स्थित कबाड़ दुकान से हुसैनाबाद थाना क्षेत्र के हरिजन मोहल्ला/स्कूल, जपला निवासी अनिल कुमार को गिरफ्तार किया गया।
तलाशी के दौरान दुकान से मालगाड़ी के वैगन की मरम्मत में इस्तेमाल होने वाले चादरनुमा लोहे, वैगन के दरवाजे और ओएचई मास्ट के टुकड़े समेत करीब 520 किलो रेलवे का लोहा बरामद हुआ। इसके अलावा रेलवे के ऑक्जिलरी ट्रांसफॉर्मर से चोरी किया गया करीब 26 किलो तांबा भी टीम के हाथ लगा।
आरपीएफ के अनुसार, अनिल कुमार की निशानदेही पर टीम ने नौकाडीह-दरुआ गांव में अरुण चौधरी के मकान पर छापेमारी की। यहां से मुकुलेश चौधरी को गिरफ्तार किया गया। मकान के आंगन में रखे रेलवे के चादरनुमा लोहे के 23 टुकड़े बरामद किए गए, जिनका कुल वजन करीब 500 किलो था।
पूछताछ में मुकुलेश ने मालगाड़ियों से रेलवे का लोहा चोरी कर उसे कबाड़ दुकान में बेचने की बात बताई। आरपीएफ अब मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
दोनों आरोपियों को बरामद रेलवे संपत्ति के साथ आरपीएफ पोस्ट जपला लाया गया। मामले में कांड संख्या 01/26, दिनांक 27 अगस्त 2026 के तहत धारा 3 आरपी (यू.पी.) एक्ट में अनिल कुमार, मुकुलेश चौधरी समेत अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब चोरी की पूरी श्रृंखला और इसमें शामिल अन्य आरोपियों का पता लगाने में जुटी है।

