Breaking News
बड़ी खबर : अभिनेत्री उर्मिला सनावर सहारनपुर से गिरफ्तार, 5 करोड़ की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप
बड़ी खबर : अभिनेत्री उर्मिला सनावर सहारनपुर से गिरफ्तार, 5 करोड़ की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप
10 साल से फरार वारंटी अभियुक्त गिरफ्तार, दून पुलिस ने सहारनपुर से दबोचा
10 साल से फरार वारंटी अभियुक्त गिरफ्तार, दून पुलिस ने सहारनपुर से दबोचा
धामी सरकार में सचिवालय की बढ़ेंगी सुविधाएं, 59.34 करोड़ से बन रहा छह मंजिला भवन
धामी सरकार में सचिवालय की बढ़ेंगी सुविधाएं, 59.34 करोड़ से बन रहा छह मंजिला भवन
सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन, आधारभूत सुविधाओं और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री
सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन, आधारभूत सुविधाओं और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री धामी ने किया पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज का स्थलीय निरीक्षण
मुख्यमंत्री धामी ने किया पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज का स्थलीय निरीक्षण
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रीमियर लीग विद्यार्थियों में नवाचार और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण मंच: गणेश जोशी
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रीमियर लीग विद्यार्थियों में नवाचार और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण मंच: गणेश जोशी
हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में ‘क्रिसेण्डो-2026’ का आगाज, आयुक्त दीपक रावत ने किया शुभारंभ
हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में ‘क्रिसेण्डो-2026’ का आगाज, आयुक्त दीपक रावत ने किया शुभारंभ
नशा तस्करों पर पुलिस का शिकंजा, चार आरोपी गिरफ्तार
नशा तस्करों पर पुलिस का शिकंजा, चार आरोपी गिरफ्तार
मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में पत्रकारों के कल्याण एवं सम्मान के लिए महत्वपूर्ण निर्णय
मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में पत्रकारों के कल्याण एवं सम्मान के लिए महत्वपूर्ण निर्णय
शहजादी हत्याकांड में पति नदीम को फांसी की सजा, अदालत ने लगाया एक लाख रुपये जुर्माना

मुजफ्फरनगर। शहजादी हत्याकांड में अदालत ने उसके पति नदीम को दोषी करार देते हुए मृत्युदंड (फांसी) और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर की अदालत ने सोमवार को यह फैसला सुनाया। इससे पहले 27 अगस्त को अदालत ने नदीम को हत्या का दोषी ठहराया था।

अभियोजन के अनुसार, बागपत के निवाड़ा निवासी दिलशाद ने शाहपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने बताया था कि उनकी बेटी शहजादी की शादी 10 जनवरी 2015 को शाहपुर निवासी नदीम के साथ हुई थी। आरोप था कि शादी के बाद ससुराल पक्ष दहेज में बाइक और एक लाख रुपये की मांग को लेकर उसका उत्पीड़न करता था। बेटे के जन्म के बाद भी शहजादी को कथित तौर पर प्रताड़ित किया जाता रहा।

मामले के अनुसार, 23 जुलाई 2018 की रात शहजादी के साथ मारपीट की गई और उस पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी गई। वह करीब 98 प्रतिशत झुलस गई थी। इलाज के दौरान 28 जुलाई को उसकी मौत हो गई।

मामले की सुनवाई करीब आठ साल तक चली। अभियोजन पक्ष ने अदालत में 11 गवाह पेश किए और पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत अन्य साक्ष्य रखे। इन साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने नदीम को दोषी माना।

फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश ने कहा कि महिला का जीवन केवल उसकी शारीरिक उपस्थिति तक सीमित नहीं होता, बल्कि उसकी गरिमा, स्वतंत्रता और मानवीय पहचान भी उससे जुड़ी होती है। अदालत ने कहा कि किसी महिला को हिंसक तरीके से जलाकर उसकी जान लेना उसके जीवन के साथ-साथ उसकी मानवीय गरिमा का भी गंभीर अपमान है।

न्यायाधीश ने पति-पत्नी के रिश्ते को प्रेम और विश्वास पर आधारित बताते हुए लैला-मजनू और शीरी-फरहाद की प्रेम कहानियों का भी उल्लेख किया। अदालत ने टिप्पणी की कि प्रेम या पति-पत्नी के रिश्ते में किसी की जान लेना स्वीकार्य नहीं हो सकता।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

शहजादी हत्याकांड में पति नदीम को फांसी की सजा, अदालत ने लगाया एक लाख रुपये जुर्माना

मुजफ्फरनगर। शहजादी हत्याकांड में अदालत ने उसके पति नदीम को दोषी करार देते हुए मृत्युदंड (फांसी) और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर की अदालत ने सोमवार को यह फैसला सुनाया। इससे पहले 27 अगस्त को अदालत ने नदीम को हत्या का दोषी ठहराया था।

अभियोजन के अनुसार, बागपत के निवाड़ा निवासी दिलशाद ने शाहपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने बताया था कि उनकी बेटी शहजादी की शादी 10 जनवरी 2015 को शाहपुर निवासी नदीम के साथ हुई थी। आरोप था कि शादी के बाद ससुराल पक्ष दहेज में बाइक और एक लाख रुपये की मांग को लेकर उसका उत्पीड़न करता था। बेटे के जन्म के बाद भी शहजादी को कथित तौर पर प्रताड़ित किया जाता रहा।

मामले के अनुसार, 23 जुलाई 2018 की रात शहजादी के साथ मारपीट की गई और उस पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी गई। वह करीब 98 प्रतिशत झुलस गई थी। इलाज के दौरान 28 जुलाई को उसकी मौत हो गई।

मामले की सुनवाई करीब आठ साल तक चली। अभियोजन पक्ष ने अदालत में 11 गवाह पेश किए और पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत अन्य साक्ष्य रखे। इन साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने नदीम को दोषी माना।

फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश ने कहा कि महिला का जीवन केवल उसकी शारीरिक उपस्थिति तक सीमित नहीं होता, बल्कि उसकी गरिमा, स्वतंत्रता और मानवीय पहचान भी उससे जुड़ी होती है। अदालत ने कहा कि किसी महिला को हिंसक तरीके से जलाकर उसकी जान लेना उसके जीवन के साथ-साथ उसकी मानवीय गरिमा का भी गंभीर अपमान है।

न्यायाधीश ने पति-पत्नी के रिश्ते को प्रेम और विश्वास पर आधारित बताते हुए लैला-मजनू और शीरी-फरहाद की प्रेम कहानियों का भी उल्लेख किया। अदालत ने टिप्पणी की कि प्रेम या पति-पत्नी के रिश्ते में किसी की जान लेना स्वीकार्य नहीं हो सकता।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top