Breaking News
बुजुर्गों ही नहीं, युवाओं और बच्चों में भी बढ़ रही सुनने की समस्या, जानिए इसके कारण
बुजुर्गों ही नहीं, युवाओं और बच्चों में भी बढ़ रही सुनने की समस्या, जानिए इसके कारण
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अपने शासकीय आवास पर किया पौधरोपण
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अपने शासकीय आवास पर किया पौधरोपण
माइकल जैक्सन की बायोपिक ‘माइकल’ का ट्रेलर रिलीज, दिखेगा पॉप किंग का पूरा सफर
माइकल जैक्सन की बायोपिक ‘माइकल’ का ट्रेलर रिलीज, दिखेगा पॉप किंग का पूरा सफर
मार्च की शुरुआत में ही गर्मी ने दिखाए तेवर, प्रदेश में तेजी से बढ़ रहा तापमान
मार्च की शुरुआत में ही गर्मी ने दिखाए तेवर, प्रदेश में तेजी से बढ़ रहा तापमान
चमोली के जंगलों में भीषण आग का कहर, कई हेक्टेयर क्षेत्र हुआ जलकर खाक
चमोली के जंगलों में भीषण आग का कहर, कई हेक्टेयर क्षेत्र हुआ जलकर खाक
“परिवर्तन यात्रा” का उद्देश्य राज्य में राजनीतिक बदलाव लाना और विकास को गति देना है- अमित शाह
“परिवर्तन यात्रा” का उद्देश्य राज्य में राजनीतिक बदलाव लाना और विकास को गति देना है- अमित शाह
शिकायतों पर तत्पर प्रशासन- हर प्रकरण की साप्ताहिक समीक्षा के निर्देश
शिकायतों पर तत्पर प्रशासन- हर प्रकरण की साप्ताहिक समीक्षा के निर्देश
उत्तराखण्ड की सुप्रसिद्ध विजुअल आर्टिस्ट सुलभा जोशी बनीं अंतरराष्ट्रीय जूरी सदस्य
उत्तराखण्ड की सुप्रसिद्ध विजुअल आर्टिस्ट सुलभा जोशी बनीं अंतरराष्ट्रीय जूरी सदस्य
मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित हुआ भव्य होली मिलन समारोह, लोकसंस्कृति के रंगों से सजा माहौल
मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित हुआ भव्य होली मिलन समारोह, लोकसंस्कृति के रंगों से सजा माहौल
बारह बजे हुआ रामलला का सूर्य तिलक, चार मिनट तक सूर्य की किरणों ने किया अभिषेक 

अयोध्या। राम जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। ठीक बारह बजे रामलला का सूर्य तिलक हुआ। भगवान सूर्य की किरणें रामलला के मस्तक का चार मिनट तक अभिषेक करती रहीं। पूरे दुनिया इस दृश्य की साक्षी बनी। सूर्य तिलक को सही तरीके से कराने के लिए इसरो के साथ देश के विभिन्न आईआईटी के वैज्ञानिक इसका पूर्वाभ्यास करते रहे। शनिवार को अंतिम बार इसका सफल ट्रायल किया गया था।रामजन्मोत्सव पर रामलला ने रत्न जड़ित पीले वस्त्र और सोने का मुकुट धारण कर भक्तों को दर्शन दिए। दोपहर ठीक 12 बजे रामजन्म के साथ ही सूर्य की किरणों ने चार मिनट तक रामलला का ‘सूर्य तिलक’ किया। अध्यात्म व विज्ञान के इस अद्भुत संगम को हर कोई अपनी आंखों में बसाने को लालायित दिखा।

इसके पहले सुबह 3:30 बजे से मंदिर के कपाट खोल दिए गए। रामलला का श्रृंगार, राग-भोग, आरती व दर्शन का क्रम चलता रहा। बालक राम सहित उत्सव मूर्ति की मनमोहक छवि के दर्शनकर भक्त मंत्रमुग्ध होते रहे। भजन, स्तुति के बीच जैसे-जैसे घड़ी की सुइयां 12 की ओर बढ़ीं। लोगों की आतुरता भी बढ़ती गई। पुजारी ने मंदिर के कपाट खोले तो घंटा घड़ियाल बजने के साथ ही भक्तों ने भए प्रगट कृपाला दीनदयाला, कौशल्या हितकारी… छंद गायन शुरू कर दिया। पूजन के साथ ही भगवान भाष्कर ने रामलला का राजतिलक किया।

मंदिर के ऊपरी हिस्से पर लगे दर्पण पर सूर्य की किरणें गिरीं। यहां से परावर्तित होकर पीतल के पाइप में पहुंचीं। पाइप में लगे दर्पण से टकराकर किरणें 90 डिग्री कोण में बदल गई। लंबवत पीतल के पाइप में लगे तीन लेंसों से किरणें आगे बढ़ते हुए गर्भगृह में लगे दर्पण से टकराई।यहां से 90 डिग्री का कोण बनाकर 75 मिलीमीटर टीके के रूप में रामलला के ललाट को सुशोभित किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top