Breaking News
अजित कुमार की फिल्म ‘गुड बैड अग्ली’ का ट्रेलर हुआ रिलीज, 10 अप्रैल को सिनेमाघरों में दस्तक देगी फिल्म 
अजित कुमार की फिल्म ‘गुड बैड अग्ली’ का ट्रेलर हुआ रिलीज, 10 अप्रैल को सिनेमाघरों में दस्तक देगी फिल्म 
बच्चों को कोल्डड्रिंक में नशीला पदार्थ पिलाने के बाद पत्नी के साथ की बर्बरता की हदें पार
बच्चों को कोल्डड्रिंक में नशीला पदार्थ पिलाने के बाद पत्नी के साथ की बर्बरता की हदें पार
माह दिसम्बर तक बजट का 80 प्रतिशत तक खर्च किया जाए- मुख्यमंत्री
माह दिसम्बर तक बजट का 80 प्रतिशत तक खर्च किया जाए- मुख्यमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी को श्रीलंका की सरकार ने ‘मित्र विभूषण सम्मान’ से किया सम्मानित 
प्रधानमंत्री मोदी को श्रीलंका की सरकार ने ‘मित्र विभूषण सम्मान’ से किया सम्मानित 
गरीबों को आज से मिलेगा आयुष्मान का लाभ, देशभर के निजी अस्पतालों में करा सकेंगे 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज 
गरीबों को आज से मिलेगा आयुष्मान का लाभ, देशभर के निजी अस्पतालों में करा सकेंगे 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज 
इस दिन खुलेगी केदारनाथ हेली सेवा के टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग के लिए वेबसाइट
इस दिन खुलेगी केदारनाथ हेली सेवा के टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग के लिए वेबसाइट
आईपीएल 2025- दिल्ली कैपिटल्स और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच मुकाबला आज 
आईपीएल 2025- दिल्ली कैपिटल्स और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच मुकाबला आज 
मुख्यमंत्री धामी ने विभिन्न महानुभाव को सौंपे विभागीय दायित्व
मुख्यमंत्री धामी ने विभिन्न महानुभाव को सौंपे विभागीय दायित्व
क्या आप भी कराती हैं बार- बार हेयर स्पा, तो जान लीजिये इसके नुकसान 
क्या आप भी कराती हैं बार- बार हेयर स्पा, तो जान लीजिये इसके नुकसान 
हर विद्यालय की भूमि उसके नाम दर्ज होनी चाहिए – शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत

शिक्षा मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को स्कूल की भूमि से अतिक्रमण हटाने के दिए निर्देश 

देहरादून।  उत्तराखंड में जमीनों की कीमत बढ़ने से न सिर्फ नदी, नालों बल्कि हजारों विद्यालयों की भूमि पर भी माफिया की नजर है। विद्यालयों में अतिक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं। राज्य में 4891 विद्यालयों को भूमि दान में मिली थी जो अब भी उनके नाम दर्ज नहीं है। इसे देखते हुए शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों को स्कूल की भूमि से अतिक्रमण हटाने और विद्यालयों के नाम भूमि की रजिस्ट्री के निर्देश दिए हैं। मंत्री का कहना है कि हर विद्यालय की भूमि उसके नाम दर्ज होनी चाहिए। उन विद्यालयों को समग्र शिक्षा के तहत पैसा नहीं दिया जाएगा जिनके नाम जमीन नहीं है।

प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा के तहत 591 और प्रारंभिक शिक्षा के 4300 विद्यालयों के नाम जमीन नहीं है। विद्यालयों को यह जमीन दान में मिली है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक जमीनों की कीमत बढ़ने से स्कूल की भूमि पर अतिक्रमण बढ़ रहा है। ऐसे भी प्रकरण हैं जिनमें भूमि स्कूल के लिए दान में दिए जाने के बाद अब नई पीढ़ी इस भूमि पर अपना हक जता रही है। देहरादून में सचिवालय के ठीक सामने एक सरकारी जूनियर हाईस्कूल चल रहा था। करीब 200 करोड़ रुपये कीमत की इस भूमि को कानूनी दांव-पेंच में उलझाने के बाद स्कूल ही शिफ्ट करवा दिया गया। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के मुताबिक राज्य में करीब 17,000 सरकारी विद्यालय हैं।

इनमें से अधिकतर विद्यालयों के नाम जमीन की रजिस्ट्री करवा दी गई है। जिन विद्यालयों के नाम जमीन की रजिस्ट्री नहीं है उनकी रजिस्ट्री कराने के निर्देश दिए गए हैं। कुछ विद्यालय वन भूमि में हैं। वन भूमि वाले विद्यालयों की जमीन की रजिस्ट्री के लिए भी नीति बनाई जाएगी। इसके लिए कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top