Breaking News
महिला सशक्तिकरण से ही साकार होगा विकसित भारत का सपना- रेखा आर्या
महिला सशक्तिकरण से ही साकार होगा विकसित भारत का सपना- रेखा आर्या
जनसमस्याओं के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, जिलाधिकारी ने सुनीं 164 शिकायतें
जनसमस्याओं के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, जिलाधिकारी ने सुनीं 164 शिकायतें
पटेलनगर क्षेत्र में हुई वाहन चोरी की घटना का दून पुलिस ने किया खुलासा, आरोपी गिरफ्तार
पटेलनगर क्षेत्र में हुई वाहन चोरी की घटना का दून पुलिस ने किया खुलासा, आरोपी गिरफ्तार
मसूरी की क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत में तेजी लाने के निर्देश, मंत्री गणेश जोशी ने की समीक्षा बैठक
मसूरी की क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत में तेजी लाने के निर्देश, मंत्री गणेश जोशी ने की समीक्षा बैठक
गोलू देव और हरज्यू देव की लोक परंपराएं हमारी सांस्कृतिक पहचान- रेखा आर्या
गोलू देव और हरज्यू देव की लोक परंपराएं हमारी सांस्कृतिक पहचान- रेखा आर्या
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने अमर शहीद राइफलमैन मनोज राणा की 13वीं पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने अमर शहीद राइफलमैन मनोज राणा की 13वीं पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि
विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार विकसित उत्तराखंड की आधारशिला- मुख्यमंत्री
विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार विकसित उत्तराखंड की आधारशिला- मुख्यमंत्री
कारगिल के रणबांकुरों को आइबेक्स ब्रिगेड का शौर्यपूर्ण नमन
कारगिल के रणबांकुरों को आइबेक्स ब्रिगेड का शौर्यपूर्ण नमन
दून पुलिस की मुस्तैदी से चोरी की घटना को अंजाम देने वाले दो आरोपी रंगेहाथ गिरफ्तार
दून पुलिस की मुस्तैदी से चोरी की घटना को अंजाम देने वाले दो आरोपी रंगेहाथ गिरफ्तार
‘वोट चोर’ बयान पर चुनाव आयोग का पलटवार, कहा- “साक्ष्य हो तो हलफनामे के साथ पेश करें,

आयोग बोला—‘वोट चोर’ जैसे शब्दों का प्रयोग करना करोड़ों मतदाताओं का अपमान है

नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने विपक्षी नेताओं के हालिया आरोपों पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि बिना ठोस सबूत के लगाए गए आरोप स्वीकार्य नहीं हैं। राहुल गांधी, तेजस्वी यादव समेत कई नेताओं का नाम लिए बिना आयोग ने कहा कि अगर किसी के पास दोहरी वोटिंग या चुनावी गड़बड़ी का कोई प्रमाण है, तो उसे लिखित शिकायत और हलफनामे के साथ पेश करें, ताकि कार्रवाई हो सके।

आयोग ने याद दिलाया कि “एक व्यक्ति, एक वोट” का सिद्धांत 1951-52 में हुए पहले आम चुनाव से लागू है। बिना साक्ष्य के मतदाताओं को ‘चोर’ बताने या ‘वोट चोर’ जैसे शब्दों का प्रयोग करना न सिर्फ करोड़ों मतदाताओं का अपमान है, बल्कि चुनाव प्रक्रिया में जुटे लाखों कर्मियों की निष्ठा और ईमानदारी पर भी सीधा हमला है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top