लखनऊ। समाजवादी पार्टी के नेता और उत्तर प्रदेश हज समिति के पूर्व अध्यक्ष आजम खां समेत पांच लोगों के खिलाफ हज समिति की जमीन की बिक्री में कथित अनियमितता के मामले में विजिलेंस ने एफआईआर दर्ज की है। विजिलेंस जांच में जमीन की बिक्री से समिति को करीब 2.08 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान की पुष्टि हुई है।
विजिलेंस के अनुसार, निजी फर्म को लाभ पहुंचाने के लिए जमीन की बिक्री में निर्धारित नियमों की अनदेखी की गई और पद का दुरुपयोग किया गया। मामले में धोखाधड़ी के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। एफआईआर के बाद विवेचना इंस्पेक्टर संजय कुमार सिंह को सौंपी गई है।
मामले में आजम खां के अलावा तत्कालीन हज समिति सचिव लईक अहमद और डॉ. एमएए खान को आरोपी बनाया गया है। इनके साथ आमिश डेवलपर्स के प्रोपराइटर मो. अयूब और मुस्तकीम अहमद भी आरोपी हैं।
यह मामला लखनऊ के ऐशबाग क्षेत्र के कायमखेड़ा (दुगांवा) स्थित खसरा संख्या-117 की करीब 60 हजार वर्गफीट जमीन से जुड़ा है। विजिलेंस के मुताबिक, जमीन की बिक्री में नियमों का पालन नहीं किया गया, जिससे हज समिति को राजस्व का नुकसान हुआ।
शासन ने शिकायत मिलने के बाद 3 मई 2024 को मामले की जांच के आदेश दिए थे। शिकायत में हज समिति की जमीन की बिक्री में अनियमितता और निजी फर्म को लाभ पहुंचाने के आरोप लगाए गए थे। विजिलेंस ने बिक्री से जुड़े दस्तावेजों और पूरी प्रक्रिया की जांच की। राजस्व नुकसान की पुष्टि के बाद अब मुकदमा दर्ज किया गया है।

