Breaking News
देहरादून महायोजना-2041 : देहरादून के भविष्य पर फिर सुनी जाएगी जनता की आवाज, ताकि कोई भी व्यक्ति अपनी बात रखने से वंचित न रहे
देहरादून महायोजना-2041 : देहरादून के भविष्य पर फिर सुनी जाएगी जनता की आवाज, ताकि कोई भी व्यक्ति अपनी बात रखने से वंचित न रहे
ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित होटल एवं रिसॉर्ट्स से बीते पांच वर्षों में जिला पंचायत को प्राप्त राजस्व का दे विवरण- सीडीओ
ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित होटल एवं रिसॉर्ट्स से बीते पांच वर्षों में जिला पंचायत को प्राप्त राजस्व का दे विवरण- सीडीओ
ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित होटल एवं रिसॉर्ट्स से बीते पांच वर्षों में जिला पंचायत को प्राप्त राजस्व का दे विवरण- सीडीओ
ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित होटल एवं रिसॉर्ट्स से बीते पांच वर्षों में जिला पंचायत को प्राप्त राजस्व का दे विवरण- सीडीओ
जल्द शुरू होने जा रहा ऋषिपर्णा नदी के पुनर्जीवन का श्रीगणेश , उद्गम से होगा जीर्णोद्धार- डॉ. आशीष चौहान
जल्द शुरू होने जा रहा ऋषिपर्णा नदी के पुनर्जीवन का श्रीगणेश , उद्गम से होगा जीर्णोद्धार- डॉ. आशीष चौहान
बड़ी खबर : उत्तराखंड में नकल माफियाओं पर एक और बड़ी कार्रवाई, यूटीयू की सेमेस्टर परीक्षा का प्रश्नपत्र आउट करने के आरोप में सहायक प्रोफेसर गिरफ्तार
बड़ी खबर : उत्तराखंड में नकल माफियाओं पर एक और बड़ी कार्रवाई, यूटीयू की सेमेस्टर परीक्षा का प्रश्नपत्र आउट करने के आरोप में सहायक प्रोफेसर गिरफ्तार
मुख्य विकास अधिकारी ने की जिला दिव्यांग एवं पुनर्वास केंद्र की प्रबंध समिति की बैठक, दिए अहम निर्देश 
मुख्य विकास अधिकारी ने की जिला दिव्यांग एवं पुनर्वास केंद्र की प्रबंध समिति की बैठक, दिए अहम निर्देश 
भाजपा राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष एवं सांसद राज्यसभा डा. नरेश बंसल ने अतारांकित प्रश्न संख्या 293 के माध्यम से आयुष्मान भारत और सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज संबिधत प्रश्न किया
भाजपा राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष एवं सांसद राज्यसभा डा. नरेश बंसल ने अतारांकित प्रश्न संख्या 293 के माध्यम से आयुष्मान भारत और सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज संबिधत प्रश्न किया
कौन्ता–ककोड़–हरीशताल मोटर मार्ग की गुणवत्ता की होगी उच्चस्तरीय जांच- जिलाधिकारी
कौन्ता–ककोड़–हरीशताल मोटर मार्ग की गुणवत्ता की होगी उच्चस्तरीय जांच- जिलाधिकारी
रायवाला में 500 किलो गौमांस के साथ तस्कर गिरफ्तार
रायवाला में 500 किलो गौमांस के साथ तस्कर गिरफ्तार
उत्तराखंड में जुलाई 2026 से मदरसा बोर्ड का होगा अंत, सभी संस्थानों को लेनी होगी नई मान्यता

देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने राज्य में अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों की मान्यता प्रक्रिया को नई व्यवस्था के तहत सख्त और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अधिनियम में संशोधन के बाद एक जुलाई 2026 से उत्तराखंड मदरसा एजुकेशन बोर्ड का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। इसके बाद राज्य में कोई भी मदरसा या अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान तभी मान्य माना जाएगा, जब उसे उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता प्राप्त होगी।

वर्तमान में प्रदेश में 452 मदरसे उत्तराखंड मदरसा एजुकेशन बोर्ड से पंजीकृत हैं, जिनमें करीब 68,000 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। अब इन सभी मदरसों को प्राधिकरण से मान्यता लेने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

क्या बदलेगा?

अभी तक की व्यवस्था में मदरसा संचालन के लिए उत्तराखंड मदरसा एजुकेशन बोर्ड से मान्यता अनिवार्य थी। लेकिन अधिनियम संशोधन लागू होने के बाद बोर्ड की भूमिका खत्म हो जाएगी और सभी प्रक्रियाएं सीधे अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के माध्यम से होंगी।

असर

नई व्यवस्था लागू होने से मदरसा बोर्ड से जुड़ी प्रक्रियाएं पूरी तरह बंद हो जाएंगी। इससे मदरसा संचालकों को मान्यता प्राप्त करने के लिए नई औपचारिकताओं को पूरा करना होगा। शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे मदरसों में शिक्षा की गुणवत्ता और जवाबदेही दोनों सुनिश्चित होंगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top