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हाई ब्लड प्रेशर और शुगर बढ़ा सकते हैं किडनी रोग का खतरा, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी

किडनी शरीर का एक छोटा लेकिन बेहद महत्वपूर्ण अंग है, जो शरीर को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाता है। यह खून को फिल्टर कर शरीर से विषैले तत्वों और अतिरिक्त पानी को बाहर निकालती है। लेकिन बदलती जीवनशैली, बढ़ता ब्लड प्रेशर और अनियंत्रित शुगर लेवल किडनी की सेहत के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते सावधानी न बरतने पर किडनी से जुड़ी समस्याएं गंभीर रूप ले सकती हैं और किडनी फेलियर जैसी जानलेवा स्थिति पैदा हो सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार किडनी का मुख्य कार्य शरीर में मौजूद खून को शुद्ध करना और अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालना है। एक स्वस्थ किडनी रोजाना बड़ी मात्रा में खून को फिल्टर कर यूरिया, क्रिएटिनिन जैसे जहरीले तत्वों को शरीर से बाहर निकालती है। इसके साथ ही यह शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखने, ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने और रक्त के pH स्तर को संतुलित रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

हाल के वर्षों में किडनी से जुड़ी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। खासकर कम उम्र के लोगों में भी किडनी संबंधी समस्याएं देखने को मिल रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार खराब खानपान, अनियमित दिनचर्या और बढ़ता तनाव किडनी के लिए जोखिम बढ़ाने वाले प्रमुख कारण बनते जा रहे हैं।

किडनी रोग विशेषज्ञों का कहना है कि जिन लोगों का ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर लंबे समय तक नियंत्रित नहीं रहता, उनमें किडनी की बीमारी होने की संभावना अधिक होती है। डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर को दुनिया भर में क्रॉनिक किडनी डिजीज के प्रमुख कारणों में गिना जाता है।

डॉक्टर बताते हैं कि लंबे समय तक बढ़ा हुआ शुगर लेवल किडनी की छोटी रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है, जिससे फिल्टरिंग सिस्टम कमजोर पड़ने लगता है। इस स्थिति को डायबिटिक नेफ्रोपैथी कहा जाता है, जिसमें पेशाब में प्रोटीन आने लगता है और धीरे-धीरे किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित होती है।

इसी तरह हाई ब्लड प्रेशर भी किडनी की नाजुक नसों पर अतिरिक्त दबाव डालता है। लगातार बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर किडनी की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है, जिससे किडनी सही तरीके से काम नहीं कर पाती। जब किडनी की कार्यक्षमता घटती है तो शरीर में नमक और पानी जमा होने लगता है, जिससे ब्लड प्रेशर और बढ़ सकता है। जिन लोगों को हाई बीपी और डायबिटीज दोनों समस्याएं होती हैं, उनमें किडनी खराब होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

हर साल मार्च महीने के दूसरे गुरुवार को विश्व किडनी दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को किडनी की बीमारियों के प्रति जागरूक करना और समय रहते जांच व उपचार के लिए प्रेरित करना है।

विशेषज्ञों के अनुसार किडनी को स्वस्थ रखने के लिए नियमित व्यायाम करना, संतुलित आहार लेना और नमक का सीमित मात्रा में सेवन करना जरूरी है। इसके अलावा पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, ताजे फल-सब्जियों और साबुत अनाज को आहार में शामिल करना भी लाभदायक माना जाता है। प्रोसेस्ड फूड, अधिक नमक और मीठे खाद्य पदार्थों से दूरी बनाना किडनी की सेहत के लिए बेहतर होता है।

डॉक्टर यह भी सलाह देते हैं कि वजन को नियंत्रित रखें और धूम्रपान व शराब से बचें, क्योंकि ये आदतें किडनी पर अतिरिक्त दबाव डालती हैं। नियमित स्वास्थ्य जांच और ब्लड प्रेशर तथा शुगर को नियंत्रण में रखकर किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर तैयार किया गया है।

(साभार)

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