पिथौरागढ़: उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ से एक बेहद उत्साहजनक खबर सामने आ रही है। उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या ने इस बार नया रिकॉर्ड कायम किया है। यात्रा के इतिहास में पहली बार दर्शन करने वाले तीर्थयात्रियों का आंकड़ा 50 हजार पार कर चुका है। मौसम और रास्तों का साथ मिला तो इस साल यह संख्या एक लाख के करीब पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, यात्रा शुरू होने के महज 56 दिनों के भीतर अब तक कुल 50,521 श्रद्धालु आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन कर चुके हैं। अगर बीते साल (2025) की बात करें, तो पूरे यात्रा सीजन में केवल 36,600 लोग ही यहां पहुंचे थे। इस बार श्रद्धालुओं के भारी उत्साह का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यात्रा शुरू होने के महज 39वें दिन ही पिछले साल का पूरा रिकॉर्ड ध्वस्त हो चुका था।
इस साल यात्रा के निर्बाध चलने के पीछे सबसे बड़ी वजह अनुकूल मौसम और साफ रास्ते रहे हैं। अमूमन जून के तीसरे हफ्ते से प्री-मानसून की बारिश के कारण रास्ते बंद होने लगते थे, लेकिन इस बार सीमांत इलाकों में बारिश का औसत सामान्य रहा है। पूरी यात्रा के दौरान सिर्फ एक बार मलघाट के पास पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण कुछ घंटों के लिए आवाजाही रुकी थी, जिसे छोड़कर यात्रा लगातार सुचारू रूप से चल रही है।
इस बंपर सफलता के बीच अब जिला प्रशासन आगामी कैलाश मानसरोवर यात्रा की तैयारियों में भी पूरी तरह जुट गया है। मानसरोवर यात्रा का पहला दल 6 जून को पिथौरागढ़ पहुंचने वाला है। चूंकि आदि कैलाश और कैलाश मानसरोवर यात्रा का मार्ग ‘गुंजी’ तक एक समान ही है, इसलिए दोनों यात्राएं साथ चलने से उच्च हिमालयी व्यास घाटी में इस बार जबरदस्त चहल-पहल और रौनक देखने को मिलेगी।

