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श्रद्धालुओं की सुरक्षा में बड़ी चूक, कांग्रेस ने सरकार और प्रशासन पर साधा निशाना

श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए अलग फोर्स गठित करने की मांग

भीड़ प्रबंधन में विफल रही सरकार

देहरादून। प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर में हुई भगदड़ की दुखद घटना पर उत्तराखंड कांग्रेस ने सरकार, जिला प्रशासन और मंदिर समिति पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष करण माहरा व वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि उत्तराखंड के प्रमुख तीर्थ स्थलों पर हर वर्ष करोड़ों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन सरकार ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के स्थायी इंतज़ाम आज तक नहीं किए हैं।

आर्य ने कहा कि श्रावण मास और रविवार जैसे विशेष दिनों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ पहले से अनुमानित थी, इसके बावजूद मंदिर में कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं की गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक खंभे में बिजली की खुली तारों में करंट दौड़ने से रेलिंग में करंट फैला और इसी के चलते भगदड़ मची, जिसमें सात लोगों की मौत और कई के घायल होने की पुष्टि हुई है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में चारधाम सहित कई प्रसिद्ध मंदिर और सिद्ध पीठ हैं, हरिद्वार में अर्धकुंभ, महाकुंभ और कांवड़ यात्रा जैसे बड़े आयोजन हर साल होते हैं, फिर भी राज्य में भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा की कोई स्थायी प्रणाली नहीं है।

करण माहरा ने आरोप लगाया कि सरकार का ध्यान केवल धार्मिक भावनाएं भड़काकर वोट हासिल करने पर है, लेकिन श्रद्धालुओं की सुरक्षा जैसे संवेदनशील विषय पर कोई गंभीरता नहीं दिखाई देती।

धस्माना ने मांग की कि राज्य सरकार आपदा प्रबंधन विभाग के अंतर्गत एक अलग फोर्स गठित करे, जो तीर्थ स्थलों और बड़े धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण की जिम्मेदारी संभाले।

गौरतलब है कि कांवड़ यात्रा समाप्त होने के बाद रविवार को हुई दुर्घटना में आठ श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। और तीन दर्जन घायल हो गए।
मृतकों व घायलों के परिजनों को क्रमशः दो लाख व पचास हजार आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की गई।

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