Breaking News
रिश्वत प्रकरण में डोईवाला के प्रभारी बीईओ निलंबित
रिश्वत प्रकरण में डोईवाला के प्रभारी बीईओ निलंबित
रिश्वत प्रकरण में डोईवाला के प्रभारी बीईओ निलंबित
रिश्वत प्रकरण में डोईवाला के प्रभारी बीईओ निलंबित
नंदगढ़ गांव में सनसनी, युवक की हत्या कर बेड में छिपाया शव
नंदगढ़ गांव में सनसनी, युवक की हत्या कर बेड में छिपाया शव
शिक्षा विभाग में पदोन्नत हुए चार अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
शिक्षा विभाग में पदोन्नत हुए चार अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
नजफगढ़ में अवैध सप्लीमेंट नेटवर्क का भंडाफोड़, प्रतिबंधित पदार्थ जब्त
नजफगढ़ में अवैध सप्लीमेंट नेटवर्क का भंडाफोड़, प्रतिबंधित पदार्थ जब्त
जनगणना 2026 की तैयारियों की जिलाधिकारी ने की विस्तृत समीक्षा, 25 अप्रैल से प्रारंभ होगा प्रथम चरण
जनगणना 2026 की तैयारियों की जिलाधिकारी ने की विस्तृत समीक्षा, 25 अप्रैल से प्रारंभ होगा प्रथम चरण
जनगणना 2026 की तैयारियों की जिलाधिकारी ने की विस्तृत समीक्षा, 25 अप्रैल से प्रारंभ होगा प्रथम चरण
जनगणना 2026 की तैयारियों की जिलाधिकारी ने की विस्तृत समीक्षा, 25 अप्रैल से प्रारंभ होगा प्रथम चरण
जनगणना 2026 की तैयारियों की जिलाधिकारी ने की विस्तृत समीक्षा, 25 अप्रैल से प्रारंभ होगा प्रथम चरण
जनगणना 2026 की तैयारियों की जिलाधिकारी ने की विस्तृत समीक्षा, 25 अप्रैल से प्रारंभ होगा प्रथम चरण
देहरादून में महिला जन आक्रोश रैली, मुख्यमंत्री धामी हुए शामिल
देहरादून में महिला जन आक्रोश रैली, मुख्यमंत्री धामी हुए शामिल
कैबिनेट मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने टपकेश्वर महादेव मंदिर में किया जलाभिषेक

देहरादून। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर कैबिनेट मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने टपकेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक किया। इस दौरान प्रदेश की खुशहाली, उन्नति की कामना भी की। मंत्री डा. अग्रवाल ने जलाभिषेक कर कहा कि आज के दिन भगवान शंकर को जल और बेलपत्र चढ़ाने का बहुत महत्व है। भगवान शिव को बेलपत्र बहुत प्रिय है, ऐसी मान्यता है कि आज के दिन व्रत रखते हुए सच्चे मन से भगवान शंकर को पूजने से सभी मनोकामना पूरी होती है।

मंत्री डा. अग्रवाल ने कहा कि भगवान शंकर सभी देवी-देवताओं में सबसे भोले है, भक्तों द्वारा सच्चे मन से मनोकामना मांगने पर शीघ्र पूरी करते हैं, इसके चलते उन्हें भोलेनाथ भी कहा जाता है। मंत्री डा. अग्रवाल ने कहा कि भगवान शिव को जगत का पालनहार कहा जाता है, जब समस्त सृष्टि के समय विपत्ति आती है तो भगवान शंकर उसका निदान करते है। उन्होंने कहा कि समुद्र मंथन के दौरान निकले जहरीले विष को भगवान शंकर ने ही पीकर अपने गले में ही रोक दिया था, इस कारण उनका नाम नीलकंठ भी पड़ा।

मंत्री डा. अग्रवाल ने कहा कि महाशिवरात्रि मनाने के पीछे का कारण यह भी है कि आज के दिन देवो के देव महादेव का विवाह माता पार्वती के साथ हुआ था। जिसे शिवभक्त आज भी धूमधाम से मनाते हैं। इस अवसर पट मंत्री डॉ अग्रवाल के परिजन भी मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top