मेरठ। क्रिप्टो करेंसी और अलग-अलग निवेश योजनाओं में पैसा लगाने पर तीन गुना तक मुनाफा देने का दावा कर सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। लिसाड़ी गेट निवासी सुहेल ने इस संबंध में एसएसपी को शिकायत देकर फरमान समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच और कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, करीब एक वर्ष पहले फरमान उसके स्कूल पहुंचा था। उसने खुद को बेटफ्लिक्स कंपनी से जुड़ा बताया और लोगों को निवेश की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी। आरोप है कि उसने निवेश की रकम की जिम्मेदारी लेने के साथ करीब तीन गुना मुनाफा दिलाने का भरोसा दिया।
बताया गया कि भरोसे में आकर सुहेल ने शुरुआत में दो लाख रुपये निवेश किए। कुछ समय तक उसे लाभ की रकम दी गई, जिससे उसका विश्वास बढ़ गया। इसके बाद उसने अपने रिश्तेदारों और परिचितों को भी योजना में पैसा लगाने के लिए प्रेरित किया। उसके भाई शारिफ और एक दोस्त ने भी करीब चार लाख रुपये निवेश किए।
शिकायत के अनुसार, कुछ समय तक निवेश की रकम पर भुगतान किया गया, लेकिन बाद में पैसा मिलना बंद हो गया। जब निवेश की रकम वापस मांगी गई तो आरोपितों की ओर से दो महीने में भुगतान करने का आश्वासन दिया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि चार महीने बीतने के बाद भी रकम वापस नहीं मिली।
आरोप है कि इसके बाद पीड़ितों पर दोबारा पैसा लगाने का दबाव बनाया गया। ऐसा करने से मना करने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
सुहेल ने अपनी शिकायत में दावा किया है कि इस नेटवर्क से 200 से अधिक लोग जुड़े थे और उनसे करोड़ों रुपये लिए गए। आरोप है कि पहले योजना का नाम बेटफ्लिक्स था, जिसे बाद में बदलकर बिटब्रेन कर दिया गया।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि हापुड़ रोड स्थित एक होटल में पी-काइन नामक क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर भी लोगों से रकम जुटाई जाती थी।
शिकायतकर्ता ने पुलिस को भुगतान से संबंधित रसीदें और अन्य दस्तावेज भी उपलब्ध कराने की बात कही है। उसने पूरे मामले की जांच कर आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। साथ ही आरोपितों के देश से बाहर जाने की आशंका जताते हुए गिरफ्तारी की मांग भी की गई है। पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता और कथित निवेश नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

