कानपुर – कानपुर में ऑनलाइन ठगी करने वाले एक बड़े साइबर गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। साइबर क्राइम, स्वाट और पुलिस टीम की संयुक्त कार्रवाई में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि गिरोह का सरगना अभी फरार बताया जा रहा है। पुलिस इस नेटवर्क के तार कंबोडिया और मलेशिया में सक्रिय साइबर ठगों से जुड़ने की आशंका जता रही है।
डीसीपी क्राइम श्रवण कुमार सिंह के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में काकादेव हितकारी नगर निवासी बीफार्मा का छात्र साहिल यादव, बीए छात्र प्रशांत गुप्ता, आकाश सरोज और कौशांबी निवासी मोहम्मद मेराज उर्फ कैफ शामिल हैं। मोहम्मद मेराज एसी रिपेयरिंग का काम करता है और 10वीं तक पढ़ा है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी नामी कंपनियों की फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों को आकर्षक ऑफर देते थे। इसके अलावा क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने और अन्य ऑनलाइन सेवाओं के नाम पर लोगों को ठगी का शिकार बनाया जाता था। ठगी की रकम को ट्रांसफर करने के लिए गिरोह किराये पर बैंक खाते इस्तेमाल करता था।
आरोपियों ने गीता नगर इलाके में नौ हजार रुपये महीने पर एक फ्लैट किराये पर लिया हुआ था, जहां से पूरा नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। साइबर अपराध पोर्टल पर इस गिरोह के खिलाफ अब तक 18 शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं।
हाल ही में गीता नगर निवासी छात्र वरुण सोनकर ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि गिरोह ने झांसे में लेकर उसके बैंक खाते का इस्तेमाल किया और करीब 13 लाख रुपये ट्रांसफर किए।
पुलिस ने सर्विलांस की मदद से पहले साहिल यादव को शिव नारायण टंडन सेतु पुल के नीचे से गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने गीता नगर स्थित फ्लैट पर छापा मारकर अन्य तीन आरोपियों को दबोच लिया। पुलिस अब फरार सरगना की तलाश में जुटी हुई है।

