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पेंशन प्लान के नाम पर साइबर ठगी, APK फाइल डाउनलोड करते ही खाते से उड़ गए 11 लाख रुपये

आगरा: डिजिटल दौर में साइबर ठग मासूम लोगों को अपना शिकार बनाने के लिए हर दिन नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। ताजा मामला प्रतापनगर के माधवकुंज इलाके से सामने आया है, जहां खुद को बैंक अधिकारी बताने वाले एक शातिर ठग ने बुजुर्ग किशनपाल खेत्रपाल के खाते से फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के 11 लाख रुपये उड़ा दिए। ठग ने पीड़ित को झांसे में लेकर मोबाइल पर एक खतरनाक APK (एंड्रॉयड पैकेज किट) फाइल भेजी थी, जिस पर क्लिक करते ही उनका पूरा फोन हैक हो गया। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पीड़ित किशनपाल ने पुलिस को बताया कि 14 जून को उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आई थी। कॉलर ने खुद को पंजाब नेशनल बैंक (PNB) का अधिकारी बताते हुए एक बेहतरीन पेंशन प्लान की जानकारी दी। झांसे में लेकर उसने प्लान का ब्रोशर होने का दावा करते हुए ‘पेंशन प्लान’ नाम की एक APK फाइल व्हाट्सएप पर भेज दी। किशनपाल ने जैसे ही उस फाइल पर क्लिक किया, उसमें कुछ नहीं खुला। लेकिन इसके कुछ ही देर बाद उनके बैंक खाते से फिक्स्ड डिपॉजिट के ₹11 लाख किसी दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर हो गए।

डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य कुमार ने बताया कि अपराधी आजकल एपीके फाइल के जरिए लोगों के फोन का पूरा रिमोट एक्सेस हासिल कर लेते हैं। जैसे ही कोई इस फाइल पर क्लिक करता है, मोबाइल में एक बैकग्राउंड (हिडन) ऐप इंस्टॉल हो जाती है। इसके बाद ठगों को आपके मैसेज, ओटीपी (OTP), कॉल और स्क्रीन रिकॉर्डिंग का पूरा कंट्रोल मिल जाता है। वे आपके फोन में आने वाले बैंकिंग ओटीपी को खुद ही पढ़कर पलक झपकते ही खाता साफ कर देते हैं।

साइबर एक्सपर्ट्स की सलाह: ऐसे रहें सुरक्षित

प्ले स्टोर का ही करें इस्तेमाल: कभी भी किसी अज्ञात लिंक, व्हाट्सएप या मैसेज से ऐप डाउनलोड न करें। हमेशा गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर का ही उपयोग करें।

‘Unknown Sources’ रखें बंद: अपने एंड्रॉयड फोन की सेटिंग्स में जाकर ‘Install from Unknown Sources’ के ऑप्शन को हमेशा डिफ़ॉल्ट रूप से बंद रखें।

अनुमतियां (Permissions) न दें: अगर कोई सामान्य ऐप आपसे एसएमएस (SMS) या बैंक डिटेल्स का एक्सेस मांगे, तो तुरंत मना कर दें।

तुरंत लें एक्शन: यदि आप किसी बैंकिंग धोखाधड़ी के शिकार होते हैं, तो बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाईन नंबर 1930 पर कॉल करें या आधिकारिक पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

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