दिल्ली। जूडियो की फ्रेंचाइजी दिलाने का झांसा देकर 39.53 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में शाहदरा साइबर थाना पुलिस ने एक आरोपी को बिहार के शेखपुरा से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मोहसिमपुर गांव निवासी 23 वर्षीय सोनू चौधरी के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, सोनू साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराने का काम करता था और अब तक 100 से अधिक खाते मुहैया कराने की बात सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, गांधी नगर निवासी सुशांत जैन जूडियो की फ्रेंचाइजी लेने के लिए इंटरनेट पर जानकारी तलाश रहे थे। इसी दौरान वह एक ऐसी फर्जी वेबसाइट के संपर्क में आए, जो देखने में ट्रेंट-टाटा और जूडियो की आधिकारिक वेबसाइट जैसी लग रही थी। इसके बाद राजेश नाम के व्यक्ति ने खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताकर उनसे संपर्क किया।
आरोपितों ने फ्रेंचाइजी की प्रक्रिया, फीस और अन्य शुल्क के नाम पर पीड़ित से अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराई। भरोसे में आकर सुशांत जैन ने अपने और अपने पिता के खातों से कुल 39.53 लाख रुपये आरोपितों द्वारा बताए गए खातों में ट्रांसफर कर दिए।
ठगी की शिकायत मिलने के बाद साइबर शाहदरा थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने रकम के लेनदेन और जिन खातों में पैसा पहुंचा, उनकी जांच की। इसी दौरान सोनू चौधरी की भूमिका सामने आई। तकनीकी निगरानी, मोबाइल नंबरों की पड़ताल और डिजिटल फुटप्रिंट के आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान की।
एसएचओ इंस्पेक्टर विजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बिहार में स्थानीय स्तर पर सत्यापन और निगरानी की। इसके बाद आरोपी को 12 अगस्त को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि सोनू अपने संपर्कों के माध्यम से अलग-अलग लोगों के बैंक खाते हासिल करता था और उन्हें साइबर ठगों को रकम लेकर उपलब्ध कराता था। इन खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम जमा करने, दूसरे खातों में ट्रांसफर करने और रकम को निकालने के लिए किया जाता था।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने पश्चिम बंगाल के नदिया और उत्तर 24 परगना समेत अन्य क्षेत्रों में संपर्कों के जरिए 100 से ज्यादा बैंक खाते जुटाए थे। पुलिस ने उसके पास से तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इनमें बैंक खातों की खरीद-फरोख्त से जुड़ी चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्य मिले हैं।
पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों, बैंक खातों के वास्तविक लाभार्थियों और 39.53 लाख रुपये की ठगी की रकम के पूरे लेनदेन की जानकारी जुटाने में लगी है।

