Breaking News
ईद पर्व के दृष्टिगत दून पुलिस द्वारा किये गये सुरक्षा के समुचित प्रबन्ध
ईद पर्व के दृष्टिगत दून पुलिस द्वारा किये गये सुरक्षा के समुचित प्रबन्ध
रियल एस्टेट कारोबारी की दिनदहाड़े हत्या,बाइक सवार बदमाशों ने कारोबारी को मारी तीन गोलियां
रियल एस्टेट कारोबारी की दिनदहाड़े हत्या,बाइक सवार बदमाशों ने कारोबारी को मारी तीन गोलियां
कानपुर में साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़, चार आरोपी गिरफ्तार
कानपुर में साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़, चार आरोपी गिरफ्तार
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से की शिष्टाचार भेंट
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से की शिष्टाचार भेंट
गौरीकुंड में नदी से अज्ञात शव बरामद, SDRF ने चलाया संयुक्त रेस्क्यू अभियान
गौरीकुंड में नदी से अज्ञात शव बरामद, SDRF ने चलाया संयुक्त रेस्क्यू अभियान
इकोलॉजी और इकोनॉमी के संतुलन से आगे बढ़ रहा उत्तराखंड- मुख्यमंत्री धामी
इकोलॉजी और इकोनॉमी के संतुलन से आगे बढ़ रहा उत्तराखंड- मुख्यमंत्री धामी
बहला-फुसलाकर दिल्ली ले गए युवक, चलती ट्रेन के बाथरूम में किशोरी से दुष्कर्म; मुख्य आरोपी गिरफ्तार
बहला-फुसलाकर दिल्ली ले गए युवक, चलती ट्रेन के बाथरूम में किशोरी से दुष्कर्म; मुख्य आरोपी गिरफ्तार
पीएम पोषण योजना के सम्बन्ध में राज्य स्तरीय क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक
पीएम पोषण योजना के सम्बन्ध में राज्य स्तरीय क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक
रेलवे कॉलोनी के पास ड्रम में मिली अज्ञात लड़की की बॉडी, पुलिस जांच में जुटी
रेलवे कॉलोनी के पास ड्रम में मिली अज्ञात लड़की की बॉडी, पुलिस जांच में जुटी
देहरादून–कालसी में 1700 साल पुराने अश्वमेध यज्ञ के प्रमाण, चौथी वेदिका की खुदाई जारी

अश्वमेध की यज्ञ वेदिकाओं को लेकर हुआ मंथन

देहरादून। अश्वमेध यज्ञ वैदिक धर्म और संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था जो राजाओं द्वारा आयोजित किया जाता था यह राज्य की शक्ति और समृद्धि को बढ़ाने के लिए किया जाता था। उत्तराखंड में भी अश्वमेध यज्ञ होने के अवशेष मिले हैं। हमारा मानना है कि अश्वमेध यज्ञ की जो पूजा की जाति थी वैसी ही पूजा यहां भी की जाये।

उक्त बात प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने मुनिस्पिल रोड़ स्थित अपने निजी आवास पर आयोजित पुरातत्व विभाग विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक के पश्चात कही। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के जनपद देहरादून के कालसी हरिपुर में राजा शीलवर्मन ने लगभग 1700 साल पहले चार अश्वमेध यज्ञ किए थे जिसका प्रमाण यहां खुदाई में मिली तीन वेद यज्ञ वेदिकाएं हैं और चौथी वेदिका की खुदाई की जा रही है।

महाराज ने बताया कि उत्तरकाशी जनपद के पुरोला में भी अश्वमेध यज्ञ के अवशेष मिले हैं। यह यज्ञ वेदिकाएं वैदिक धर्म और संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। जिनके संरक्षण के साथ-साथ उन स्थानों पर पूजा अर्चना और अनुष्ठान आदि के विषय में चर्चा की गई।

बैठक में आर्कियोलॉजिकल विभाग के सुप्रीटेंडेंट डा. मोहन चंद्र जोशी, गढ़वाल विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ नागेंद्र रावत, सुनील नेगी, दून विश्वविद्यालय के डा. मानवेंद्र बड़थ्वाल, गुरुकुल महिला महाविद्यालय की असिस्टेंट प्रोफेसर कन्या अर्चना डिमरी आदि उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top