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धामी सरकार की अवैध खनन पर सख्ती औऱ खनन नीति से पहली बार 200 करोड़ रुपये पहुँचा राजस्व

खनन सचिव बृजेश कुमार संत ने सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत के अवैध खनन के आरोपों का दिया करारा जवाब

देहरादून। उत्तराखंड में अवैध खनन को लेकर संसद में उठाए गए सवालों का सरकार ने स्पष्ट और ठोस जवाब दिया है। खनन सचिव बृजेश कुमार संत ने पूर्व मुख्यमंत्री और हरिद्वार लोकसभा सीट से भाजपा सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने खनन नीति में पारदर्शिता लाकर पहली बार 200 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है।

राज्य में खनन से पहली बार 200 करोड़ रुपये का राजस्व

खनन सचिव बृजेश कुमार संत ने कहा, “राज्य गठन के बाद से 2002 से 2025 तक उत्तराखंड को खनन से कभी भी 200 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त नहीं हुआ था। लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने अवैध खनन पर सख्ती से अंकुश लगाकर और नीति में सुधार कर वित्तीय वर्ष 2023-24 में यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की।”

खनन पर नियंत्रण के लिए सरकार की ठोस कार्रवाई

राज्य सरकार लगातार अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। बीते वर्षों में हजारों अवैध खनन वाहनों पर कार्रवाई हुई, और खनन क्षेत्रों की निगरानी के लिए तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया गया। यही कारण है कि खनन से रिकॉर्ड राजस्व प्राप्त हुआ, जो यह दर्शाता है कि सरकार की नीति सही दिशा में काम कर रही है।

सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत के बयान पर सरकार का पक्ष

सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने संसद में उत्तराखंड के देहरादून, हरिद्वार, उधम सिंह नगर और नैनीताल जिलों में अवैध खनन को लेकर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने कहा कि रात के समय अवैध रूप से ओवरलोडिंग वाले ट्रक चलाए जा रहे हैं, जिससे पर्यावरण और कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। हालांकि, राज्य सरकार की ओर से खनन सचिव के बयान को सरकार का आधिकारिक जवाब माना जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार ने अवैध खनन पर रोक लगाई है और खनन को नियमित कर राजस्व में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की है।

विपक्ष ने किया मुद्दे को भटकाने का प्रयास

जैसे ही यह मामला संसद में उठा, कांग्रेस ने इस मुद्दे को गलत तरीके से प्रस्तुत करने की कोशिश की। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने त्रिवेंद्र सिंह रावत के बयान को अपने राजनीतिक हित के लिए सोशल मीडिया पर प्रचारित किया। लेकिन सरकार के स्पष्ट और ठोस जवाब से यह साफ हो गया है कि खनन नीति में पारदर्शिता और सख्ती लाकर सरकार ने रिकॉर्ड राजस्व अर्जित किया है।

सरकार का संकल्प: पारदर्शिता और विकास

सरकार की तरफ से समय-समय पर आए बयानों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और उचित उपयोग के लिए प्रतिबद्ध है। अवैध खनन को रोकने और राजस्व बढ़ाने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं। राज्य में खनन की मॉनिटरिंग के लिए आधुनिक तकनीक और सख्त कानून लागू किए गए हैं। इससे यह स्पष्ट है कि सरकार की नीति न सिर्फ खनन क्षेत्र को व्यवस्थित करने में सफल रही है, बल्कि इससे प्रदेश को आर्थिक लाभ भी हुआ है। अब सरकार की नजर आगे भी इस सेक्टर में और सुधार लाने पर है, ताकि उत्तराखंड का विकास निरंतर जारी रहे।

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