Breaking News
एमडीडीए की ऑनलाइन मानचित्र प्रणाली होगी और अधिक पारदर्शी
एमडीडीए की ऑनलाइन मानचित्र प्रणाली होगी और अधिक पारदर्शी
सोमेश्वर में जन मिलन कार्यक्रम, कई ग्रामीणों ने थामा भाजपा का दामन
सोमेश्वर में जन मिलन कार्यक्रम, कई ग्रामीणों ने थामा भाजपा का दामन
सोमेश्वर में जन मिलन कार्यक्रम, कई ग्रामीणों ने थामा भाजपा का दामन
सोमेश्वर में जन मिलन कार्यक्रम, कई ग्रामीणों ने थामा भाजपा का दामन
अंकिता भंडारी हत्याकांड में आरोपियों को फिर झटका, सभी की जमानत याचिकाएं खारिज
अंकिता भंडारी हत्याकांड में आरोपियों को फिर झटका, सभी की जमानत याचिकाएं खारिज
एसजीआरआरयू के दीक्षारंभ का भव्य समापन, रेन डांस पर जमकर थिरके छात्र-छात्राएं
एसजीआरआरयू के दीक्षारंभ का भव्य समापन, रेन डांस पर जमकर थिरके छात्र-छात्राएं
सीतामढ़ी में 330 किलो गांजा बरामद, पुलिस ने एक तस्कर को किया गिरफ्तार
सीतामढ़ी में 330 किलो गांजा बरामद, पुलिस ने एक तस्कर को किया गिरफ्तार
ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे ठप: भल्लेगांव बागवान के पास पहाड़ी से भारी मलबा गिरने से बंद हुआ मार्ग
ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे ठप: भल्लेगांव बागवान के पास पहाड़ी से भारी मलबा गिरने से बंद हुआ मार्ग
AAP के वरिष्ठ नेता दलजीत राजू को फिर मिली फिरौती की धमकी भरी कॉल
AAP के वरिष्ठ नेता दलजीत राजू को फिर मिली फिरौती की धमकी भरी कॉल
मुख्य सचिव ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के दिए निर्देश
मुख्य सचिव ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के दिए निर्देश
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी का निधन, प्रदेश में शोक की लहर

मुख्यमंत्री धामी ने जताया दुःख 

देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता भुवन चंद्र खंडूरी का मंगलवार को निधन हो गया। वह लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और देहरादून स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती थे, जहां उन्होंने सुबह 11:15 बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से पूरे उत्तराखंड में शोक की लहर दौड़ गई है। पिछले कई दिनों से उनके स्वास्थ्य को लेकर राजनीतिक एवं सामाजिक जगत के लोग लगातार उनके आवास और अस्पताल पहुंच रहे थे।

मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी भारतीय सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद राजनीति में सक्रिय हुए थे। उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी राजनीति में लेकर आए थे। अपनी सादगी, अनुशासन और ईमानदार छवि के लिए पहचाने जाने वाले खंडूरी उत्तराखंड के चौथे मुख्यमंत्री रहे। उन्होंने वर्ष 2007 से 2009 और 2011 से 2012 तक दो बार प्रदेश की कमान संभाली। इसके अलावा वह गढ़वाल संसदीय सीट से लोकसभा सांसद भी रहे।

राजनीतिक जीवन में भुवन चंद्र खंडूरी ने सुशासन, पारदर्शिता और विकास को प्राथमिकता दी। उनके कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनकी आज भी चर्चा होती है। सेना की पृष्ठभूमि से आने वाले खंडूरी को एक सख्त लेकिन जनहितैषी नेता के रूप में जाना जाता था। उनकी बेटी ऋतु भूषण खंडूरी वर्तमान में उत्तराखंड विधानसभा की अध्यक्ष हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने जताया दुःख 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व मुख्यमंत्री खंडूरी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि खंडूरी ने भारतीय सेना में रहते हुए राष्ट्र सेवा, अनुशासन और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। सार्वजनिक जीवन में भी उन्होंने प्रदेश के विकास और जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका निधन उत्तराखंड ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी अपूरणीय क्षति है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top