Breaking News
बीकेटीसी अध्यक्ष का बहस की चुनौती देकर भागना बताता है कि भाजपा के पास जवाब नहीं — गणेश गोदियाल
बीकेटीसी अध्यक्ष का बहस की चुनौती देकर भागना बताता है कि भाजपा के पास जवाब नहीं — गणेश गोदियाल
हल्द्वानी में 230 करोड़ की सड़क व ड्रेनेज परियोजनाओं का कुमाऊं आयुक्त ने किया निरीक्षण, देरी पर जताई नाराजगी
हल्द्वानी में 230 करोड़ की सड़क व ड्रेनेज परियोजनाओं का कुमाऊं आयुक्त ने किया निरीक्षण, देरी पर जताई नाराजगी
चमोली में बिना डीएम अनुमति आवासीय भवनों पर सीलिंग-ध्वस्तीकरण नहीं, जिलाधिकारी गौरव कुमार के सख्त निर्देश
चमोली में बिना डीएम अनुमति आवासीय भवनों पर सीलिंग-ध्वस्तीकरण नहीं, जिलाधिकारी गौरव कुमार के सख्त निर्देश
डीएलआरसी बैठक में डीएम अपूर्वा पाण्डे सख्त, बैंकों को सीडी रेशियो सुधारने और लंबित आवेदनों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश
डीएलआरसी बैठक में डीएम अपूर्वा पाण्डे सख्त, बैंकों को सीडी रेशियो सुधारने और लंबित आवेदनों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश
NMC से मान्यता न मिलने पर सरकार पर बरसे यशपाल आर्य, बोले- भाजपा की बड़ी प्रशासनिक विफलता
NMC से मान्यता न मिलने पर सरकार पर बरसे यशपाल आर्य, बोले- भाजपा की बड़ी प्रशासनिक विफलता
ऑपरेशन प्रहार के तहत बड़ी कार्रवाई, तीन नशा तस्कर गिरफ्तार, 20 ग्राम से अधिक स्मैक बरामद
ऑपरेशन प्रहार के तहत बड़ी कार्रवाई, तीन नशा तस्कर गिरफ्तार, 20 ग्राम से अधिक स्मैक बरामद
हरेला पर्व पर मालाग्राम पहुंचे मुख्यमंत्री, सघन पौधरोपण कर दिया हरित संरक्षण का संदेश
हरेला पर्व पर मालाग्राम पहुंचे मुख्यमंत्री, सघन पौधरोपण कर दिया हरित संरक्षण का संदेश
हरेला पर्व पर मालाग्राम पहुंचे मुख्यमंत्री, सघन पौधरोपण कर दिया हरित संरक्षण का संदेश
हरेला पर्व पर मालाग्राम पहुंचे मुख्यमंत्री, सघन पौधरोपण कर दिया हरित संरक्षण का संदेश
महायुद्ध की घड़ी! एम्बाप्पे vs यामाल, दुनिया की निगाहें FIFA World Cup सेमीफाइनल पर
महायुद्ध की घड़ी! एम्बाप्पे vs यामाल, दुनिया की निगाहें FIFA World Cup सेमीफाइनल पर
बिगड़ी नींद को ऐसे करें ठीक: जीवनशैली में छोटे बदलाव देंगे बड़ी राहत

तेज़ रफ्तार जीवनशैली और देर रात तक जागने की आदतों के कारण आज अधिकांश लोग नींद की गड़बड़ी से जूझ रहे हैं। अनियमित दिनचर्या की वजह से शरीर की प्राकृतिक सर्केडियन क्लॉक असंतुलित हो जाती है, जिसका असर नींद के साथ-साथ ऊर्जा स्तर, पाचन तंत्र और इम्यून सिस्टम पर भी पड़ता है। विशेषज्ञों का कहना है कि केवल सोने की दवाई लेने से समस्या स्थायी रूप से दूर नहीं होती, बल्कि नींद से जुड़ी रूटीन में छोटे-छोटे बदलाव ही इसका असली समाधान हैं।

नींद से जुड़ी सबसे महत्वपूर्ण बात है — हर दिन एक निश्चित समय पर बिस्तर पर जाना और उठना। लगातार एक ही टाइम-टेबल का पालन करने से दिमाग को पता चलता है कि नींद का हार्मोन कब रिलीज़ करना है। इससे कुछ ही दिनों में नींद स्वतः समय पर आने लगती है और शरीर अपनी नैचुरल रिदम में लौट आता है।

रात को सोने से पहले मोबाइल, लैपटॉप और टीवी जैसी स्क्रीन से दूरी बनाना भी बेहद ज़रूरी है। इनसे निकलने वाली ब्लू लाइट दिमाग को जागृत रखती है और नींद का संकेत देने वाले हार्मोन को कम कर देती है। बातचीत, हल्का संगीत या किताब पढ़ना सोने से पहले शांत माहौल बनाने के अच्छे विकल्प हैं।

तनाव भी नींद खराब होने की प्रमुख वजहों में से एक है। सोने से पहले कुछ मिनट का मेडिटेशन या गहरी सांसों का अभ्यास दिमाग को आराम देता है। बेडरूम का वातावरण जितना शांत, अंधेरा और आरामदायक होगा, नींद उतनी गहरी और निरंतर मिलेगी। थोड़ा ठंडा तापमान भी बेहतर नींद को बढ़ावा देता है।

सुबह उठते ही सूर्य की रोशनी लेना बेहद फायदेमंद माना जाता है। प्राकृतिक प्रकाश मेलाटोनिन के उत्पादन को रोककर शरीर को दिन शुरू करने का संदेश देता है। वहीं, दोपहर के बाद चाय-कॉफी जैसे कैफीन वाले पेय पदार्थों से दूरी नींद की गुणवत्ता को और बेहतर बनाती है, क्योंकि कैफीन शरीर में कई घंटों तक सक्रिय रहता है और रात को सोने की क्षमता को कम कर देता है।

अपने रूटीन में ये साधारण बदलाव जोड़कर आप अपनी स्लीप साइकिल को दोबारा संतुलित कर सकते हैं और प्रतिदिन अधिक तरोताज़ा महसूस कर सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top