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किडनी स्टोन को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, समय पर इलाज जरूरी

बदलती जीवनशैली और खान-पान की आदतों के कारण किडनी में पथरी यानी किडनी स्टोन की समस्या तेजी से बढ़ रही है। पहले जहां यह बीमारी अधिकतर वयस्कों में देखी जाती थी, वहीं अब कम उम्र के युवाओं और बच्चों में भी इसके मामले सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि पर्याप्त पानी न पीना, असंतुलित आहार और अनियमित दिनचर्या इसके प्रमुख कारण हैं। इसलिए समय रहते सावधानी और इलाज बेहद जरूरी है।

विशेषज्ञों के अनुसार किडनी में पथरी तब बनती है जब शरीर में कैल्शियम, ऑक्सलेट और यूरिक एसिड जैसे खनिज पदार्थ अधिक मात्रा में जमा होकर धीरे-धीरे क्रिस्टल का रूप ले लेते हैं। पर्याप्त पानी न पीने से इन तत्वों का जमाव बढ़ जाता है, जिससे पथरी बनने का खतरा अधिक हो जाता है। किडनी स्टोन का समय पर उपचार न कराने पर यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।

कम उम्र में भी बढ़ रहे मामले

वरिष्ठ नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. कुलदीप राय के अनुसार अस्पतालों की ओपीडी में अब कम उम्र के लोगों में भी किडनी स्टोन के मरीज बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। कई बार शुरुआती चरण में इसके स्पष्ट लक्षण नहीं होते, लेकिन जैसे-जैसे पथरी का आकार बढ़ता है, मरीज को कमर या पेट में तेज दर्द, पेशाब में जलन और अन्य समस्याएं होने लगती हैं। कई लोग इस दर्द को सामान्य पेट दर्द समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे बीमारी का पता देर से चलता है।

छोटी और बड़ी पथरी का इलाज अलग

डॉक्टरों के मुताबिक 3 से 4 मिलीमीटर से छोटी पथरी कई बार अधिक पानी पीने, दवाइयों और खान-पान में बदलाव से अपने-आप निकल सकती है। लेकिन बड़ी पथरी या लंबे समय तक किडनी में मौजूद पथरी गंभीर जटिलताएं पैदा कर सकती है। ऐसे मामलों में सर्जरी की जरूरत भी पड़ सकती है। कुछ मरीजों में एक से अधिक पथरी होने पर भी ऑपरेशन की सलाह दी जाती है।

इलाज में देरी से बढ़ सकता है खतरा

विशेषज्ञ बताते हैं कि बड़ी पथरी किडनी और मूत्राशय को जोड़ने वाली नलिका (यूरेटर) में फंस सकती है, जिससे पेशाब का रास्ता अवरुद्ध हो जाता है। इससे पेशाब में रुकावट, संक्रमण और तेज दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लंबे समय तक यह स्थिति रहने पर किडनी को स्थायी नुकसान या किडनी फेलियर का खतरा भी बढ़ सकता है। इसलिए समय रहते जांच और इलाज बेहद जरूरी है।

बीयर से पथरी निकलने का दावा गलत

कई लोग मानते हैं कि बीयर पीने से पेशाब ज्यादा आता है और इससे किडनी स्टोन निकल सकता है। हालांकि डॉक्टर इस धारणा को गलत बताते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि किडनी स्टोन का इलाज केवल चिकित्सकीय सलाह और उचित उपचार से ही संभव है, इसलिए किसी भी घरेलू धारणा के बजाय डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है।

नोट: यह जानकारी विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट और विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर तैयार की गई है।

(साभार)

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