लखीमपुर। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर जिले के मथना गांव में बुजुर्ग शिवसागर वर्मा की हत्या के मामले में पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। इस मामले में मृतक के दामाद संतोष वर्मा को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, पारिवारिक विवाद, भरण-पोषण के मुकदमे में ससुर की पैरवी और पैतृक जमीन कुर्क होने की आशंका के चलते आरोपी ने वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस के मुताबिक, शनिवार देर शाम शिवसागर वर्मा साइकिल से खेत पर चारा लेने गए थे। उनकी बेटी अनीता देवी भी स्कूटी से उनके साथ गई थीं। चारा लेने के बाद अनीता पहले घर लौट आईं, जबकि शिवसागर साइकिल से वापस आ रहे थे। इसी दौरान शिवालापुरवा मार्ग पर नुकीले हथियार से हमला कर उनकी हत्या कर दी गई।
घटना के बाद मृतक की बेटी की शिकायत पर सदर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए रविवार को लखनऊ जोन की आईजी किरण एस. ने लखीमपुर पहुंचकर पुलिस अधिकारियों से जानकारी ली और जल्द खुलासा करने के निर्देश दिए।
जांच के दौरान पुलिस का संदेह मृतक के दामाद संतोष वर्मा पर गया। पुलिस के अनुसार, संतोष की शादी वर्ष 2003 में अनीता देवी से हुई थी। पारिवारिक विवाद के बाद वर्ष 2007 से अनीता अपने बेटे के साथ मायके में पिता के पास रह रही थीं। भरण-पोषण से जुड़े मुकदमे में शिवसागर वर्मा उनकी ओर से पैरवी कर रहे थे।
पुलिस का दावा है कि जुर्माना जमा नहीं करने की स्थिति में संतोष को अपनी चार बीघा पैतृक जमीन कुर्क होने का डर था। इसी मामले को लेकर 16 अक्टूबर को अदालत में पेशी के दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई थी। पुलिस के मुताबिक, इसी रंजिश के चलते संतोष ने अगले दिन अपने ससुर की हत्या कर दी।
एएसपी पूर्वी सुधीर कुमार ने बताया कि मामले की जांच में सदर कोतवाली पुलिस और स्वाट टीम जुटी हुई थी। सोमवार सुबह आरोपी को चिता के पास से गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर घटनास्थल के नजदीक झाड़ियों में छिपाया गया बल्लम और वारदात के समय पहनी गई खून से सनी शर्ट भी बरामद की गई।
पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ हत्या के अलावा जानलेवा हमले से संबंधित एक अन्य मुकदमा भी दर्ज है। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।


