Breaking News
समर्पण और उद्देश्य की भावना के साथ अपने पेशेवर कर्तव्यों को निभाएं- उपराष्ट्रपति
समर्पण और उद्देश्य की भावना के साथ अपने पेशेवर कर्तव्यों को निभाएं- उपराष्ट्रपति
गुरुग्राम में सनसनी: PG के कमरे में MBBS छात्र का सड़ा-गला शव बरामद
गुरुग्राम में सनसनी: PG के कमरे में MBBS छात्र का सड़ा-गला शव बरामद
टिहरी में दर्दनाक सड़क हादसा: गहरी खाई में गिरा यूटिलिटी वाहन, 8 की मौत
टिहरी में दर्दनाक सड़क हादसा: गहरी खाई में गिरा यूटिलिटी वाहन, 8 की मौत
आईपीएल 2026- मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच मुकाबला आज
आईपीएल 2026- मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच मुकाबला आज
यात्रा व्यवस्था में लगे कर्मचारी, अधिकारी “अतिथि देवो भव:” की भावना से कार्य करें- महाराज
यात्रा व्यवस्था में लगे कर्मचारी, अधिकारी “अतिथि देवो भव:” की भावना से कार्य करें- महाराज
अमृतसर में बड़ी कार्रवाई: ICE ड्रग्स और हथियारों के साथ 3 तस्कर गिरफ्तार
अमृतसर में बड़ी कार्रवाई: ICE ड्रग्स और हथियारों के साथ 3 तस्कर गिरफ्तार
गुलदार के हमले में बुजुर्ग महिला की मौत, झाड़ियों में मिला शव
गुलदार के हमले में बुजुर्ग महिला की मौत, झाड़ियों में मिला शव
ग्रेटर नोएडा में सनसनी: बंद कमरे से प्रेमी-प्रेमिका के शव बरामद
ग्रेटर नोएडा में सनसनी: बंद कमरे से प्रेमी-प्रेमिका के शव बरामद
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली और उनके साथियों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव करता रहेगा प्रेरित- सीएम
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली और उनके साथियों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव करता रहेगा प्रेरित- सीएम
पीएम मोदी की विदेश से लौटे प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद गरमाई सियासत, कांग्रेस ने उठाए कड़े सवाल

जयराम रमेश का तंज – सिर्फ मुलाकात नहीं, रणनीति में साझेदारी भी चाहिए

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में विदेश यात्रा से लौटे सात संसदीय प्रतिनिधिमंडलों के सदस्यों से मुलाकात करने के बाद विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस ने कई सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस ने इस मुलाकात को लेकर प्रधानमंत्री से यह जानना चाहा है कि क्या अब वे देश की विदेश नीति और सुरक्षा से जुड़े अहम मुद्दों पर विपक्षी दलों को विश्वास में लेंगे और आगामी मानसून सत्र में संसद में इन विषयों पर खुलकर चर्चा के लिए तैयार होंगे?

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री ने जिन 32 देशों में गए प्रतिनिधिमंडल से सीधा संवाद किया है, अब उनकी यह जिम्मेदारी बनती है कि वे चीन और पाकिस्तान से संबंधित भारत की रणनीति पर विपक्ष को भी भरोसे में लें। उन्होंने पूछा कि क्या प्रधानमंत्री इन विषयों पर सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे और पहलगाम जैसी घटनाओं के मद्देनज़र देश की सुरक्षा को लेकर संसद में ठोस बहस कराएंगे?

रमेश ने यह भी सवाल उठाया कि क्या सरकार ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे सैन्य अभियानों के व्यापक विश्लेषण के लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित करेगी, जैसी कभी कारगिल समीक्षा समिति बनाई गई थी। उन्होंने सुझाव दिया कि इस समिति में सैन्य विशेषज्ञों और रणनीतिकारों को शामिल कर युद्ध की बदलती प्रकृति, तकनीकी बदलाव और राष्ट्रीय सुरक्षा संरचना को मजबूत करने के उपायों पर रिपोर्ट तैयार की जाए – जिसे संशोधित रूप में संसद में प्रस्तुत किया जा सके।

प्रधानमंत्री की यह मुलाकात उस समय हुई जब प्रतिनिधिमंडल आतंकवाद के बढ़ते खतरे को लेकर दुनिया के सामने भारत का पक्ष रखने के लिए विभिन्न देशों का दौरा कर लौटा है। यह दौरा विशेष रूप से पहलगाम में हुए आतंकी हमले और इसके जवाब में चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top