Breaking News
गैरसैंण विधानसभा सत्र कुछ ही घंटों में स्थगित करना जनता के पैसे की बर्बादी: गणेश गोदियाल
गैरसैंण विधानसभा सत्र कुछ ही घंटों में स्थगित करना जनता के पैसे की बर्बादी: गणेश गोदियाल
पशु हेल्पलाइन 1962 पर रिस्पॉन्स नहीं मिलने से डीएम नाराज, संबंधित कर्मचारियों का वेतन रोकने के निर्देश
पशु हेल्पलाइन 1962 पर रिस्पॉन्स नहीं मिलने से डीएम नाराज, संबंधित कर्मचारियों का वेतन रोकने के निर्देश
आपदा प्रभावित क्षेत्र मसंदावाला के लिए जारी हुए 43 लाख, ग्रामीणों ने जताया मंत्री गणेश जोशी का आभार
आपदा प्रभावित क्षेत्र मसंदावाला के लिए जारी हुए 43 लाख, ग्रामीणों ने जताया मंत्री गणेश जोशी का आभार
देहरादून में जाम से मिलेगी निजात? डीएम ने तैयार करने के दिए मास्टर प्लान के निर्देश
देहरादून में जाम से मिलेगी निजात? डीएम ने तैयार करने के दिए मास्टर प्लान के निर्देश
SSC परीक्षा में हाईटेक नकल कराने वाले गिरोह का एक और सदस्य दिल्ली से गिरफ्तार
SSC परीक्षा में हाईटेक नकल कराने वाले गिरोह का एक और सदस्य दिल्ली से गिरफ्तार
गैरसैंण में दो विधानसभा सत्र आयोजित करना सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक: सीएम धामी
गैरसैंण में दो विधानसभा सत्र आयोजित करना सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक: सीएम धामी
नैनीताल में पर्यटन स्वरोजगार और होमस्टे योजनाओं को बढ़ावा, 31 आवेदन स्वीकृत
नैनीताल में पर्यटन स्वरोजगार और होमस्टे योजनाओं को बढ़ावा, 31 आवेदन स्वीकृत
हल्द्वानी में फार्मर रजिस्ट्री को लेकर डीएम ने किसानों से की अपील
हल्द्वानी में फार्मर रजिस्ट्री को लेकर डीएम ने किसानों से की अपील
नशा तस्करों पर पुलिस का शिकंजा, गैंगस्टर समेत 4 गिरफ्तार
नशा तस्करों पर पुलिस का शिकंजा, गैंगस्टर समेत 4 गिरफ्तार
बूढ़ाकेदार क्षेत्र की आपदा पर राज्यमंत्री वीरेंद्र दत्त सेमवाल सक्रिय, मुख्यमंत्री से मुलाकात कर सौंपा पत्र

देहरादून/घनसाली। विधानसभा घनसाली के अंतर्गत बूढ़ाकेदार क्षेत्र में आई भीषण प्राकृतिक आपदा को लेकर उत्तराखंड हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद के उपाध्यक्ष (दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री) वीरेंद्र दत्त सेमवाल ने उत्तराखंड के यशस्वी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट कर उन्हें पूरे हालात की गंभीरता से अवगत कराया और एक औपचारिक पत्र भी प्रेषित किया।

इस पत्र के माध्यम से सेमवाल ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि बूढ़ाकेदार क्षेत्र के गेंवाली, बूढ़ाकेदार, तोली, कोट, विशन, भिगुन, पिंन्सवाड़, कोटी, अगुंड़ा, मेड-मरवाड़ी और नैलचामी जैसे गांवों को तत्काल आपदाग्रस्त गांव घोषित किया जाए, क्योंकि इन क्षेत्रों में भारी वर्षा, भूस्खलन, जमीन धंसाव और सड़क संपर्क टूटने जैसी घटनाओं ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है।

उन्होंने बताया कि कई गांवों में घर पूरी तरह तबाह हो चुके हैं, खेत-खलिहान बह गए हैं, पेयजल स्रोत नष्ट हो चुके हैं और सैकड़ों परिवार बेघर हो गए हैं। हजारों लोग गहरी मानसिक और आर्थिक पीड़ा में हैं।

मुख्यमंत्री को सौंपे पत्र में प्रमुख मांगे रखी गईं, जिनमें शामिल हैं।
प्रभावित गांवों को आपदाग्रस्त घोषित किया जाए।
जिन परिवारों को आवास, खेती, पशुधन और आजीविका का नुकसान हुआ है, उन्हें पारदर्शिता और प्राथमिकता के साथ क्षतिपूर्ति दी जाए।
क्षेत्र में स्थायी पुनर्वास की योजना बने, सड़कें व जल स्रोत पुनः स्थापित हों और आपदा प्रबंधन के लिए स्थायी ढांचा तैयार किया जाए।

सेमवाल ने मुख्यमंत्री से यह भी आग्रह किया कि प्रशासनिक मशीनरी को सक्रिय कर त्वरित राहत कार्य आरंभ कराए जाएं और प्रभावित परिवारों का निष्पक्ष व शीघ्र सर्वेक्षण कराया जाए।

उन्होंने कहा कि यह केवल प्राकृतिक आपदा नहीं है, बल्कि स्थानीय लोगों के जीवन, भविष्य और वर्षों की मेहनत पर सीधा आघात है।

राज्यमंत्री ने आशा जताई कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रभावितों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी होगी और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top