Breaking News
मुख्यमंत्री धामी ने स्व. मनोज मनराल को दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री धामी ने स्व. मनोज मनराल को दी श्रद्धांजलि
‘द स्कैम-लीक्ड’ का टीजर जारी, पेपर लीक के दर्द और छात्रों के संघर्ष को दिखाएगी सीरीज
‘द स्कैम-लीक्ड’ का टीजर जारी, पेपर लीक के दर्द और छात्रों के संघर्ष को दिखाएगी सीरीज
असम में बारिश बनी आफत, 24 घंटे में 10 लोगों की हुई मौत
असम में बारिश बनी आफत, 24 घंटे में 10 लोगों की हुई मौत
अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार को मिली मंजूरी, फायर सेफ्टी ऑडिट होगा अनिवार्य
अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार को मिली मंजूरी, फायर सेफ्टी ऑडिट होगा अनिवार्य
सीएम धामी ने पेपर लीक मामलों पर फास्ट ट्रैक कोर्ट के प्रधानमंत्री के निर्णय का किया स्वागत
सीएम धामी ने पेपर लीक मामलों पर फास्ट ट्रैक कोर्ट के प्रधानमंत्री के निर्णय का किया स्वागत
पीएम पोषण योजना के तहत सामग्री लागत में हो वृद्धि- डाॅ. धन सिंह रावत
पीएम पोषण योजना के तहत सामग्री लागत में हो वृद्धि- डाॅ. धन सिंह रावत
लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करने का अधिकार सभी को है, लेकिन लोकतांत्रिक मर्यादाओं का सम्मान करे विपक्ष: डा. नरेश बंसल
लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करने का अधिकार सभी को है, लेकिन लोकतांत्रिक मर्यादाओं का सम्मान करे विपक्ष: डा. नरेश बंसल
देहरादून में नकली दवाओं का बड़ा भंडाफोड़, भारी मात्रा में फर्जी दवाएं और मशीनें बरामद
देहरादून में नकली दवाओं का बड़ा भंडाफोड़, भारी मात्रा में फर्जी दवाएं और मशीनें बरामद
अवैध प्लॉटिंग पर एमडीडीए की कार्रवाई, डोईवाला में 5 बीघा क्षेत्र में ध्वस्तीकरण
अवैध प्लॉटिंग पर एमडीडीए की कार्रवाई, डोईवाला में 5 बीघा क्षेत्र में ध्वस्तीकरण
दायित्वों का बंटवारा जारी, फिर भी वन निगम बिना मुखिया—दो सूचियों के बाद भी इंतज़ार

प्रदेश में दायित्वधारियों की नियुक्तियों का सिलसिला तेज़ हो गया है। हाल ही में दो अलग-अलग सूचियाँ जारी की गईं, जिनमें पहले 14 और फिर 7 नेताओं को विभिन्न निगमों, बोर्डों और समितियों में जिम्मेदारियाँ सौंपी गईं। इसके बावजूद, वन निगम अब भी अपने मुखिया के इंतज़ार में है।

वन निगम का अध्यक्ष पद करीब दो वर्षों से खाली पड़ा है। वर्ष 2024 में तत्कालीन अध्यक्ष कैलास गहतोड़ी के निधन के बाद से यह जिम्मेदारी किसी को नहीं सौंपी जा सकी है। उम्मीद जताई जा रही थी कि नई दायित्वधारी सूची में इस पद पर भी नियुक्ति हो जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।

सिर्फ अध्यक्ष पद ही नहीं, बल्कि वन विकास निगम का पूरा ढांचा ही अधिकारियों की कमी से जूझ रहा है। जीएम, आरएम और डीएलएम जैसे कई महत्वपूर्ण पद लंबे समय से रिक्त हैं, जिन पर फिलहाल प्रभारी व्यवस्था के सहारे काम चलाया जा रहा है।

इसी तरह कुमाऊं मंडल विकास निगम और गढ़वाल मंडल विकास निगम में भी अध्यक्ष पद खाली हैं। मंडियों की समितियों में भी अब तक अध्यक्षों की नियुक्ति नहीं हो सकी है। वहीं, बीस सूत्रीय कार्यक्रम में भी उपाध्यक्षों के पद खाली पड़े हैं।

इन परिस्थितियों के बीच पार्टी कार्यकर्ताओं और संबंधित लोगों को उम्मीद है कि आने वाले समय में इन सभी पदों पर नियुक्तियाँ की जाएंगी और लंबित दायित्वों का बंटवारा पूरा होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top