Breaking News
पिथौरागढ़ में पिंजरे में कैद हुई मादा तेंदुआ, लोगों ने ली राहत की सांस
पिथौरागढ़ में पिंजरे में कैद हुई मादा तेंदुआ, लोगों ने ली राहत की सांस
भारतीय बॉक्स ऑफिस पर छाई ‘स्पाइडर मैन: ब्रांड न्यू डे’, 5 दिनों में पार किया 280 करोड़ का आंकड़ा
भारतीय बॉक्स ऑफिस पर छाई ‘स्पाइडर मैन: ब्रांड न्यू डे’, 5 दिनों में पार किया 280 करोड़ का आंकड़ा
बागेश्वर में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 1.472 किलो चरस के साथ दो तस्कर गिरफ्तार
बागेश्वर में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 1.472 किलो चरस के साथ दो तस्कर गिरफ्तार
डोईवाला-थानों मार्ग पर बस सेवा के अभाव पर डीएम सख्त, एसीईओ को किया तलब
डोईवाला-थानों मार्ग पर बस सेवा के अभाव पर डीएम सख्त, एसीईओ को किया तलब
मतदाता सूची की शुद्धता सर्वाेच्च प्राथमिकता, फील्ड विजिट कर दूर करें समस्याएं- विजय कुमार
मतदाता सूची की शुद्धता सर्वाेच्च प्राथमिकता, फील्ड विजिट कर दूर करें समस्याएं- विजय कुमार
वर्षों से जिस सड़क की समस्या का नहीं हो पाया था समाधान। प्रधान संगठन की प्रदेश अध्यक्ष के प्रयासों से मुख्यमंत्री धामी ने लिया संज्ञान!
वर्षों से जिस सड़क की समस्या का नहीं हो पाया था समाधान। प्रधान संगठन की प्रदेश अध्यक्ष के प्रयासों से मुख्यमंत्री धामी ने लिया संज्ञान!
एमडीडीए में समाधान दिवस आयोजित, जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश
एमडीडीए में आयोजित हुआ ‘समाधान दिवस’, आमजन की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के दिए गए निर्देश
एमडीडीए में आयोजित हुआ ‘समाधान दिवस’, आमजन की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के दिए गए निर्देश
मुख्यमंत्री धामी ने किया ओहो रेडियो 89.2 एफएम का शुभारंभ
मुख्यमंत्री धामी ने किया ओहो रेडियो 89.2 एफएम का शुभारंभ
जो जमीनी हालात हैं

मीडिया हेडलाइन्स से भारत की खुशनुमा तस्वीर उकेरने की कोशिश अक्सर होती रहती है। लेकिन जो जमीनी हालात हैं, वे इससे नहीं बदल सकते। विडंबना है कि इन हालात को बदलने की कोशिश के बजाय विकसित भारत का खोखला सपना दिखाया जा रहा है। अभी हाल में 2023-24 के अनुमानित सरकारी आर्थिक आंकड़े जारी हुए, तो उनसे पता चला कि इस वित्त वर्ष में (दो अपवाद वर्षों को छोड़ कर) भारत की प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि 21 वर्ष के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई। इस वर्ष यह वृद्धि दर 7.9 प्रतिशत रही। बीते 21 वर्षों में सिर्फ 2019-20 और 2020-21 में ये दर इससे कम रही थी, जब सारी दुनिया कोरोना महामारी की चपेट में थी। एक अंग्रेजी वेबसाइट ने अपने विश्लेषण से बताया है कि चालू वित्त वर्ष में भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में भारी गिरावट आई है।

अप्रैल से सितंबर तक देश में सिर्फ 10.1 बिलियन डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आया। इसके पहले (इस अवधि में) इतनी कम एफडीआई 2007-08 में आई थी। देश में औसत आम उपभोग का कमजोर बने रहना अब एक स्थायी हेडलाइन है। ताजा खबर यह है कि अक्टूबर-दिसंबर की तिमाही में एफएमसीजी क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी हिंदुस्तान यूनिलिवर लिमिटेड का मुनाफा अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं बढ़ सका। कंपनी ने इसका कारण ग्रामीण क्षेत्रों में मांग की कमजोर स्थिति को बताया है। ये सारी खबरें अलग-थलग नहीं हैं। बल्कि उस गंभीर आम माली हालत का सूचक हैं, जो लगातार गंभीर हो रही है।

दरअसल, जिस देश में कामकाजी उम्र वर्ग की लगभग 50 फीसदी आबादी सवा लाख रुपये से कम वार्षिक आय पर गुजारा करती हो, वहां महंगाई एवं सामाजिक सुरक्षाओं में कटौती का परिणाम इसी रूप में सामने आ सकता है। इस स्थिति का निहितार्थ यह है कि भारत के एक सशक्त बाजार के रूप में उभर सकने की संभावनाएं सीमित बनी हुई हैं। यह अवश्य है कि लगभग छह-सात करोड़ लोगों का एक उपभोक्ता वर्ग हमारे देश में मौजूद है और जो मौजूदा वैश्विक आर्थिक-राजनीति सूरत के बीच बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इसलिए मीडिया हेडलाइन्स से भारत की खुशनुमा तस्वीर उकेरने की कोशिश अक्सर होती रहती है। लेकिन जो जमीनी हालात हैं, वे ऐसे प्रयासों से नहीं बदल सकते। विडंबना यह है कि इन हालात को बदलने की कोशिश के बजाय विकसित भारत का खोखला सपना दिखाया जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top