Breaking News
रिश्वत प्रकरण में डोईवाला के प्रभारी बीईओ निलंबित
रिश्वत प्रकरण में डोईवाला के प्रभारी बीईओ निलंबित
रिश्वत प्रकरण में डोईवाला के प्रभारी बीईओ निलंबित
रिश्वत प्रकरण में डोईवाला के प्रभारी बीईओ निलंबित
नंदगढ़ गांव में सनसनी, युवक की हत्या कर बेड में छिपाया शव
नंदगढ़ गांव में सनसनी, युवक की हत्या कर बेड में छिपाया शव
शिक्षा विभाग में पदोन्नत हुए चार अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
शिक्षा विभाग में पदोन्नत हुए चार अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
नजफगढ़ में अवैध सप्लीमेंट नेटवर्क का भंडाफोड़, प्रतिबंधित पदार्थ जब्त
नजफगढ़ में अवैध सप्लीमेंट नेटवर्क का भंडाफोड़, प्रतिबंधित पदार्थ जब्त
जनगणना 2026 की तैयारियों की जिलाधिकारी ने की विस्तृत समीक्षा, 25 अप्रैल से प्रारंभ होगा प्रथम चरण
जनगणना 2026 की तैयारियों की जिलाधिकारी ने की विस्तृत समीक्षा, 25 अप्रैल से प्रारंभ होगा प्रथम चरण
जनगणना 2026 की तैयारियों की जिलाधिकारी ने की विस्तृत समीक्षा, 25 अप्रैल से प्रारंभ होगा प्रथम चरण
जनगणना 2026 की तैयारियों की जिलाधिकारी ने की विस्तृत समीक्षा, 25 अप्रैल से प्रारंभ होगा प्रथम चरण
जनगणना 2026 की तैयारियों की जिलाधिकारी ने की विस्तृत समीक्षा, 25 अप्रैल से प्रारंभ होगा प्रथम चरण
जनगणना 2026 की तैयारियों की जिलाधिकारी ने की विस्तृत समीक्षा, 25 अप्रैल से प्रारंभ होगा प्रथम चरण
देहरादून में महिला जन आक्रोश रैली, मुख्यमंत्री धामी हुए शामिल
देहरादून में महिला जन आक्रोश रैली, मुख्यमंत्री धामी हुए शामिल
कैबिनेट विस्तार की आहट में तेज़ हुई त्रिवेंद्र की सक्रियता, पर भाजपा का भरोसा धामी के नेतृत्व पर कायम

देहरादून:  उत्तराखंड की सियासत एक बार फिर गर्म होती दिख रही है। भाजपा संगठन और सरकार के भीतर कैबिनेट विस्तार की सुगबुगाहट ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज़ कर दी है। इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार से सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत की वरिष्ठ नेताओं से हालिया मुलाक़ातों ने नई चर्चाओं को जन्म दिया है।

त्रिवेंद्र की मुलाक़ातें बनी चर्चा का विषय

बीते दिनों त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव व उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत गौतम, पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ से शिष्टाचार भेंट की। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन मुलाक़ातों को साधारण बातचीत भर कहना आसान है, लेकिन कैबिनेट विस्तार की आहट में इन्हें नए समीकरणों से भी जोड़ा जा रहा है। इसके साथ ही उनके संसदीय क्षेत्र हरिद्वार के विकास कार्यों जनसमस्याओं को भी इससे देखकर जोड़ा जा रहा है।

संगठन व सरकार में धामी की पकड़ और मजबूत

वहीं सोशल मीडिया में उड़ रही सत्ता परिवर्तन की अफवाहों पर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कम उम्र में राज्य की कमान संभालने के बाद जिस प्रकार निर्णय लिए हैं, उसने जनता और संगठन दोनों का विश्वास और भी पुख़्ता किया है। उनकी कार्यशैली को लेकर पार्टी में स्पष्ट धारणा है कि धामी एक निर्णायक और स्पष्ट नेतृत्व देने वाले नेता हैं। हाल ही में हुए नगर निगम चुनावों में भी भाजपा ने जिस तरह युवाओं और नए चेहरों को प्राथमिकता दी, उसमें मुख्यमंत्री धामी की सोच और रणनीति साफ़ झलकी। यही वजह है कि संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर धामी की पकड़ लगातार मजबूत होती जा रही है।

भाजपा का फोकस – 2027 और कुंभ 2027

राज्य की राजनीति में आने वाले समय के लिए भाजपा ने दो बड़े लक्ष्य तय किए हैं 2027 का कुंभ और विधानसभा चुनाव। पार्टी की रणनीति है कि इन आयोजनों को विकास, रोजगार और बुनियादी ढांचे के दृष्टिकोण से ऐतिहासिक बनाया जाए। धामी सरकार पहले ही इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठा चुकी है।

संतुलित सक्रियता, लेकिन अंतिम भरोसा धामी पर

विशेषज्ञ मानते हैं कि भाजपा के भीतर समय-समय पर ऐसी हलचलें होना स्वाभाविक है। वरिष्ठ नेता अपने अनुभव और सक्रियता से संगठन को ऊर्जा देते हैं, वहीं युवा नेतृत्व भविष्य की राह तय करता है। उत्तराखंड में यह भूमिका मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बखूबी निभा रहे हैं। फिलहाल, यह साफ़ है कि हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत की सक्रियता चर्चा में है, लेकिन भाजपा के भीतर अंतिम भरोसा और निर्णायक नेतृत्व मुख्यमंत्री धामी पर ही कायम है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top