Breaking News
गिलगिट-बाल्टिस्तान के स्कार्दू में विरोध-प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा, गोलीबारी में 38 लोगों की मौत
गिलगिट-बाल्टिस्तान के स्कार्दू में विरोध-प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा, गोलीबारी में 38 लोगों की मौत
चारधाम यात्रा 2026- हेली शटल सेवा के टेंडर अंतिम दौर में, जल्द शुरू होंगी सुविधाएँ
चारधाम यात्रा 2026- हेली शटल सेवा के टेंडर अंतिम दौर में, जल्द शुरू होंगी सुविधाएँ
किडनी स्टोन को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, समय पर इलाज जरूरी
किडनी स्टोन को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, समय पर इलाज जरूरी
जन औषधि केंद्र आज करोड़ों जरूरतमंद लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं- मुख्यमंत्री धामी
जन औषधि केंद्र आज करोड़ों जरूरतमंद लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं- मुख्यमंत्री धामी
‘चरक: फियर ऑफ फेथ’ की बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने रुपये
‘चरक: फियर ऑफ फेथ’ की बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत, फिल्म ने पहले दिन कमाए इतने रुपये
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने नेपाल चुनाव में बालेंद्र शाह की प्रचंड जीत पर दी बधाई
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने नेपाल चुनाव में बालेंद्र शाह की प्रचंड जीत पर दी बधाई
नगर निगम का पहला फूड कोर्ट डेस्टिनेशन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में, जल्द खुलेगा आम जनता के लिए
नगर निगम का पहला फूड कोर्ट डेस्टिनेशन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में, जल्द खुलेगा आम जनता के लिए
सार्वजनिक संपत्ति और सौन्दर्यीकरण कार्यों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई- बंशीधर तिवारी
सार्वजनिक संपत्ति और सौन्दर्यीकरण कार्यों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई- बंशीधर तिवारी
बुजुर्गों ही नहीं, युवाओं और बच्चों में भी बढ़ रही सुनने की समस्या, जानिए इसके कारण
बुजुर्गों ही नहीं, युवाओं और बच्चों में भी बढ़ रही सुनने की समस्या, जानिए इसके कारण
बारिश न होने से इस बार बढ़ सकता है गर्मियों में जल संकट

रुद्रप्रयाग। बीते ढाई महीने से लोग बारिश का इंतजार कर रहे हैं, किंतु इन्द्रदेव मेहरबान नहीं हो रहे हैं। ऐसा ही हाल रहा तो गर्मियों में जल संकट बढ़ सकता है। विशेषकर उन ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में ज्यादा दिक्कतें होंगी, जहां पहले ही पेयजल संकट से लोग झूझते रहे हैं। शीतकाल में इस बार लोगों को बारिश और बर्फबारी न होने से निराशा ही मिल रही है। नवम्बर में एक-दो बार ही हल्की बारिश हुई जो असरदार भी नहीं रही। अब, जनवरी महीने का दूसरे सप्ताह भी खत्म होने वाला है किंतु बारिश के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं ऐसे में जहां पानी का संकट भविष्य के चिंता का कारण बन सकता है वहीं अब किसानों की खेती पर भी इसका असर दिख रहा है।

खेतों में गेंहू की फसल भी बिन बारिश खराब हो रही है। तो मौसमी और बेमौसमी सब्जी भी खराब होने लगी है। प्रगतिशील किसान विजय सेमवाल, राकेश बिष्ट, बवीता रावत आदि का कहना है कि बारिश न होने से सब्जी और गेंहू, सरसों की फसल खराब होने लगी है। पाला गिरने से सब्जी का उत्पादन नहीं हो पा रहा है। इधर, मुख्यालय सहित तिलवाड़ा, सुमाड़ी, भरदार, अगस्त्यमुनि, जखोली आदि स्थानों पर गर्मियों में पानी का संकट गहरा सकता है।

जहां पहले ही बारिश का संकट रहता है वहां समस्या और भी मुश्किलभरी हो सकती है। जिला उद्यान अधिकारी योगेंद्र सिंह ने बताया कि कई सालों में ऐसी स्थिति पैदा हुई है। बारिश न हुई तो गेंहू, सरसों सहित अनेक तरह की सब्जी खराब हो रही है। पाला गिरने से सब्जी और फसल का विकास रुक रहा है। यदि 10 दिन ऐसा ही मौसम रहा तो कृषि और उद्यान को काफी नुकसान होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top