Breaking News
महिला सशक्तिकरण से ही साकार होगा विकसित भारत का सपना- रेखा आर्या
महिला सशक्तिकरण से ही साकार होगा विकसित भारत का सपना- रेखा आर्या
जनसमस्याओं के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, जिलाधिकारी ने सुनीं 164 शिकायतें
जनसमस्याओं के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, जिलाधिकारी ने सुनीं 164 शिकायतें
पटेलनगर क्षेत्र में हुई वाहन चोरी की घटना का दून पुलिस ने किया खुलासा, आरोपी गिरफ्तार
पटेलनगर क्षेत्र में हुई वाहन चोरी की घटना का दून पुलिस ने किया खुलासा, आरोपी गिरफ्तार
मसूरी की क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत में तेजी लाने के निर्देश, मंत्री गणेश जोशी ने की समीक्षा बैठक
मसूरी की क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत में तेजी लाने के निर्देश, मंत्री गणेश जोशी ने की समीक्षा बैठक
गोलू देव और हरज्यू देव की लोक परंपराएं हमारी सांस्कृतिक पहचान- रेखा आर्या
गोलू देव और हरज्यू देव की लोक परंपराएं हमारी सांस्कृतिक पहचान- रेखा आर्या
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने अमर शहीद राइफलमैन मनोज राणा की 13वीं पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने अमर शहीद राइफलमैन मनोज राणा की 13वीं पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि
विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार विकसित उत्तराखंड की आधारशिला- मुख्यमंत्री
विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार विकसित उत्तराखंड की आधारशिला- मुख्यमंत्री
कारगिल के रणबांकुरों को आइबेक्स ब्रिगेड का शौर्यपूर्ण नमन
कारगिल के रणबांकुरों को आइबेक्स ब्रिगेड का शौर्यपूर्ण नमन
दून पुलिस की मुस्तैदी से चोरी की घटना को अंजाम देने वाले दो आरोपी रंगेहाथ गिरफ्तार
दून पुलिस की मुस्तैदी से चोरी की घटना को अंजाम देने वाले दो आरोपी रंगेहाथ गिरफ्तार
किचन में छुपा खतरा: एल्युमिनियम फॉयल से सेहत को हो सकता है बड़ा नुकसान

रसोई में आसानी और सुविधा के नाम पर इस्तेमाल होने वाला एल्युमिनियम फॉयल आज लगभग हर घर का हिस्सा बन चुका है। खाना पैक करना हो, गर्म रखना हो या फिर बेकिंग—हर जगह इसका इस्तेमाल आम है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह आदत धीरे-धीरे सेहत के लिए खतरा बन सकती है, खासकर तब जब गर्म या खट्टे खाद्य पदार्थ सीधे एल्युमिनियम फॉयल के संपर्क में आते हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों और विभिन्न शोध रिपोर्ट्स के अनुसार, एल्युमिनियम फॉयल में रखा या पकाया गया भोजन इसके सूक्ष्म कणों को अपने अंदर सोख सकता है। यह समस्या तब और गंभीर हो जाती है जब भोजन गर्म हो या उसमें नींबू, टमाटर, सिरका और मसाले जैसे अम्लीय तत्व मौजूद हों। ऐसे में एल्युमिनियम भोजन के जरिए शरीर में पहुंच जाता है, जो लंबे समय में स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

मस्तिष्क और नर्व सिस्टम पर पड़ सकता है असर

एल्युमिनियम को एक न्यूरोटॉक्सिक तत्व माना जाता है। शरीर में इसकी अधिक मात्रा मस्तिष्क की कोशिकाओं पर असर डाल सकती है। कुछ वैज्ञानिक अध्ययनों में यह संकेत मिला है कि मस्तिष्क में एल्युमिनियम का जमाव अल्जाइमर जैसी न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारियों के जोखिम को बढ़ा सकता है। हालांकि इस पर अभी और शोध की जरूरत बताई जाती है, लेकिन खतरे से इनकार नहीं किया जा सकता।

हड्डियों और किडनी के लिए भी नुकसानदेह

अत्यधिक एल्युमिनियम शरीर में कैल्शियम और फॉस्फोरस के अवशोषण को प्रभावित कर सकता है, जिससे हड्डियों का घनत्व कम होने का खतरा रहता है। इसके अलावा, किडनी को शरीर से अतिरिक्त एल्युमिनियम बाहर निकालने का काम करना पड़ता है। लंबे समय तक अधिक मात्रा में एल्युमिनियम जमा होने से किडनी की कार्यक्षमता पर भी दबाव पड़ सकता है।

गर्म और खट्टे खाने से बढ़ता है रिसाव

विशेषज्ञों के अनुसार, एल्युमिनियम का रिसाव तापमान और भोजन की प्रकृति पर निर्भर करता है। गर्म भोजन या अम्लीय खाद्य पदार्थ जब फॉयल में लपेटे जाते हैं या उसमें पकाए जाते हैं, तो एल्युमिनियम के कण तेजी से भोजन में मिल सकते हैं। बार-बार ऐसा करने से शरीर में इसकी मात्रा धीरे-धीरे बढ़ती जाती है।

क्या हैं सुरक्षित विकल्प

सेहत को सुरक्षित रखने के लिए एल्युमिनियम फॉयल के बजाय कांच, सिरेमिक या स्टेनलेस स्टील के बर्तनों का उपयोग बेहतर माना जाता है। यदि फॉयल का इस्तेमाल जरूरी हो, तो उसमें ठंडा और सूखा भोजन ही रखें। अम्लीय खाद्य पदार्थों को सीधे फॉयल में लपेटने से बचें और पहले बटर पेपर या फूड-ग्रेड शीट का इस्तेमाल करें।

नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल स्टडीज़ और विशेषज्ञों की रिपोर्ट्स पर आधारित है। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी बदलाव से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

(साभार)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top