Breaking News
पौधे नहीं, भविष्य की हरियाली तैयार कर रहा एमडीडीए
पौधे नहीं, भविष्य की हरियाली तैयार कर रहा एमडीडीए
नशा तस्करी के खिलाफ दून पुलिस की कार्रवाई, एनडीपीएस एक्ट में वांछित आरोपी गिरफ्तार
नशा तस्करी के खिलाफ दून पुलिस की कार्रवाई, एनडीपीएस एक्ट में वांछित आरोपी गिरफ्तार
नेपाल जा रही नाबालिग समेत दो लड़कियां बरामद, दो युवक गिरफ्तार
नेपाल जा रही नाबालिग समेत दो लड़कियां बरामद, दो युवक गिरफ्तार
घरेलू विवाद में पति ने दूसरी पत्नी की पीटकर हत्या की, आरोपी हिरासत में
घरेलू विवाद में पति ने दूसरी पत्नी की पीटकर हत्या की, आरोपी हिरासत में
दिनदहाड़े सूने मकान में चोरी, 50 हजार नकदी समेत साढ़े छह लाख के जेवर ले गए चोर
दिनदहाड़े सूने मकान में चोरी, 50 हजार नकदी समेत साढ़े छह लाख के जेवर ले गए चोर
निखार सबलोक हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता, कुख्यात अपराधी अभिमन्यु सिंह गिरफ्तार
निखार सबलोक हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता, कुख्यात अपराधी अभिमन्यु सिंह गिरफ्तार
शिक्षक केवल विद्यार्थी का नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करता है- मुख्यमंत्री
शिक्षक केवल विद्यार्थी का नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करता है- मुख्यमंत्री
विदेश भेजने के नाम पर 90 लोगों से 78 लाख की ठगी का आरोप, चार सऊदी में फंसे
विदेश भेजने के नाम पर 90 लोगों से 78 लाख की ठगी का आरोप, चार सऊदी में फंसे
दिव्यांगजनों की प्रतिभा और उपलब्धियों को मिलेगा सम्मान
दिव्यांगजनों की प्रतिभा और उपलब्धियों को मिलेगा सम्मान
म्यांमार सीमा पर चुनौती

इस बीच म्यांमार के अंदर की घटनाएं और भी ज्यादा चिंता का कारण बन रही हैं। म्यांमार के कई हिस्सों में विद्रोह से जूझ रहे सैन्य शासन के लिए नई चुनौतियां पेश आ रही हैं। इससे भारत की सीमाई चुनौती ज्यादा गंभीर हुई है।

यह खबर भारत के लिए चिंताजनक है कि म्यांमार के पश्चिमी रखाइन प्रांत में सक्रिय एक नस्लीय हथियारबंद गुट ने भारत-बांग्लादेश सीमा के पास एक शहर पर कब्जा कर लिया है। सशस्त्र समूह अराकान आर्मी ने यह दावा किया है। इस गुट ने जिस शहर को कब्जा करने का दावा किया है उसका नाम पालतेवा है। म्यांमार से लगी सीमा पहले से भारत के लिए सिरदर्द बनी हुई है। मणिपुर में जारी हिंसा के क्रम में इसकी चर्चा हुई है। बल्कि यह खबर भी आई थी कि भारत सरकार ने म्यांमार से लगी सीमा पर बाड़ लगाने का फैसला किया है। लेकिन उसका मिजोरम सरकार ने जोरदार विरोध किया है। सीमाई इलाकों में आर-पार समान जनजातीय समुदाय रहते हैं, जिनके बीच आपसी रिश्ते हैं। ये लोग सीमा को पार कर एक से दूसरी तरफ आते-जाते रहते हैं। इसलिए 1970 के दशक से भारत ने वहां इस मामले में उदार नीति अपना रखी है। लेकिन अब उस पर पुनर्विचार हो रहा है।

इस बीच म्यांमार के अंदर की घटनाएं और भी ज्यादा चिंता का कारण बन रही हैं। म्यांमार के कई हिस्सों में विद्रोह से जूझ रहे सैन्य शासन के लिए नई चुनौतियां पेश आ रही हैं। हाल में म्यांमार में सैनिक शासन विरोधी गुटों ने कई सैन्य चौकियों और कस्बों पर नियंत्रण कर लिया है। ताजा घटना भी उसी सिलसिले से जुड़ी हुई है। अराकान आर्मी के एक प्रवक्ता ने कहा कि उसने पालतेवा शहर पर कब्जा कर लिया है। कलादान नदी के तट पर स्थित यह शहर पड़ोसी देशों के साथ एक महत्वपूर्ण व्यापार मार्ग है। अराकान सेना का दावा है कि उसके पास लगभग 30,000 हथियारबंद लोग हैं और यह सरकार विरोधी त्रिपक्षीय ब्रदरहुड अलायंस का हिस्सा हैं। इस घटना से सीमाई इलाकों में एक नई परिस्थिति बनेगी। विद्रोही गुटों ने कुछ समय पहले चीन की सीमा से लगे एक प्रांत पर कब्जा कर लिया था। तब चीन ने मध्यस्थता की। नतीजतन, विद्रोही गुट और सैन्य शासन के बीच एक करार हुआ। इस तरह चीन ने अपने सुरक्षा हितों की रक्षा की। क्या भारत को भी ऐसी पहल नहीं करनी चाहिए?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top