Breaking News
पौधे नहीं, भविष्य की हरियाली तैयार कर रहा एमडीडीए
पौधे नहीं, भविष्य की हरियाली तैयार कर रहा एमडीडीए
नशा तस्करी के खिलाफ दून पुलिस की कार्रवाई, एनडीपीएस एक्ट में वांछित आरोपी गिरफ्तार
नशा तस्करी के खिलाफ दून पुलिस की कार्रवाई, एनडीपीएस एक्ट में वांछित आरोपी गिरफ्तार
नेपाल जा रही नाबालिग समेत दो लड़कियां बरामद, दो युवक गिरफ्तार
नेपाल जा रही नाबालिग समेत दो लड़कियां बरामद, दो युवक गिरफ्तार
घरेलू विवाद में पति ने दूसरी पत्नी की पीटकर हत्या की, आरोपी हिरासत में
घरेलू विवाद में पति ने दूसरी पत्नी की पीटकर हत्या की, आरोपी हिरासत में
दिनदहाड़े सूने मकान में चोरी, 50 हजार नकदी समेत साढ़े छह लाख के जेवर ले गए चोर
दिनदहाड़े सूने मकान में चोरी, 50 हजार नकदी समेत साढ़े छह लाख के जेवर ले गए चोर
निखार सबलोक हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता, कुख्यात अपराधी अभिमन्यु सिंह गिरफ्तार
निखार सबलोक हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता, कुख्यात अपराधी अभिमन्यु सिंह गिरफ्तार
शिक्षक केवल विद्यार्थी का नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करता है- मुख्यमंत्री
शिक्षक केवल विद्यार्थी का नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करता है- मुख्यमंत्री
विदेश भेजने के नाम पर 90 लोगों से 78 लाख की ठगी का आरोप, चार सऊदी में फंसे
विदेश भेजने के नाम पर 90 लोगों से 78 लाख की ठगी का आरोप, चार सऊदी में फंसे
दिव्यांगजनों की प्रतिभा और उपलब्धियों को मिलेगा सम्मान
दिव्यांगजनों की प्रतिभा और उपलब्धियों को मिलेगा सम्मान
ऋषिकेश में राफ्टिंग का नया नियम: पर्यटकों की सुरक्षा के लिए फेरों की संख्या सीमित

ऋषिकेश। देशभर में राफ्टिंग के लिए विख्यात ऋषिकेश में पर्यटन विभाग पर्यटकों की सुरक्षा के मद्देनजर राफ्टिंग संचालन में नया नियम लागू करने जा रहा है।

नई व्यवस्था के तहत अब टिहरी जिले के मरीन ड्राइव व शिवपुरी से संचालित होने वाली राफ्ट एक दिन में तीन से अधिक फेरे नहीं लगा सकेंगी।

हालांकि, छोटे रूट पर फेरे की अधिकतम संख्या चार तय की गई हैं। यह नई व्यवस्था अगले सप्ताह से लागू होगी।

ऋषिकेश में राफ्टिंग का बढ़ रहा क्रेज लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में अधिक मुनाफा कमाने की चाह में कई राफ्टिंग गाइड व कंपनियां एक राफ्ट से चार से पांच फेरे लगाने का प्रयास करते हैं।

जिससे अंतिम फेरे की राफ्टिंग शाम ढलने के दौरान भी संचालित की जाती है, जो कि पर्यटकों की सुरक्षा के साथ गंभीर खिलवाड़ माना जा सकता है।

वहीं, राफ्टिंग के अंतिम फेरों में गाइड थकावट भी महसूस करते हैं। इससे रैपिड में राफ्ट पलटने या अन्य आपात स्थिति में कई बार गाइड बड़ा रेस्क्यू करने में कठिनाइयों का सामना करते हैं, जिससे राफ्टिंग दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है।

  • पिछले तीन वर्षों में ऋषिकेश में गंगा राफ्टिंग के दौरान कई दुर्घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।

इन दुर्घटनाओं से सबक लेते हुए अब पर्यटन विभाग के अधीन राफ्टिंग एवं साहसिक खेल अधिकारी जसपाल चौहान ने अधिक लंबे रूट पर राफ्ट संचालन में फेरों की संख्या अधिकतम तीन निर्धारित करने का निर्णय लिया है।

अब इसे लागू करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। अगले सप्ताह से नई व्यवस्था को पूर्ण रूप से लागू कर दिया जाएगा।

यह होगी नई व्यवस्था

राफ्टिंग एवं साहसिक खेल अधिकारी जसपाल चौहान के अनुसार, ऋषिकेश में राफ्टिंग का सबसे लंबा रूट मरीन ड्राइव-खारास्रोत (24 किलोमीटर) है, जिसे पूरा करने में औसतन साढ़े 3 घंटे का समय लगता है।

जबकि, दूसरा लंबा रूट शिवपुरी-खारास्रोत (18 किलोमीटर) है, जिसमें करीब ढाई घंटे लगते हैं।

इन दो सर्वाधिक लंबे रूटों पर ही तीन फेरे का नियम लागू रहेगा। इनके अलावा ब्रह्मपुरी-खारास्रोत व अन्य छोटे रूटों पर अधिकतम चार फेरे लगाए जा सकेंगे।

वहीं, नई व्यवस्था के तहत राफ्टिंग एवं साहसिक खेल विभाग द्वारा मरीन ड्राइव, शिवपुरी, ब्रह्मपुरी में स्थित विभागीय राफ्टिंग केंद्र में प्रत्येक राफ्ट का रिकार्ड दर्ज किया जाएगा।

लंबे व अन्य रूटों पर अधिकतम फेरे पूरे होने के बाद राफ्ट को गंगा में प्रवेश करने नहीं दिया जाएगा।

विभाग द्वारा अगले सप्ताह से लागू हो रही यह व्यवस्था में शुरुआती समय में आफलाइन मोड पर संचालित होगी, लेकिन विभाग अब सभी केंद्रों में राफ्टों के फेरों की प्रभावी निगरानी व अनियमितताएं रोकने के लिए साफ्टवेयर प्रणाली विकसित करने में जुट गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top