Breaking News
नैनीताल में उद्योग मित्र बैठक: सीडीओ ने उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के दिए निर्देश
नैनीताल में उद्योग मित्र बैठक: सीडीओ ने उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के दिए निर्देश
जनता मिलन में आयुक्त दीपक रावत का एक्शन, भूमि विवाद से लेकर धोखाधड़ी तक कई मामलों में दिए तत्काल निर्देश
जनता मिलन में आयुक्त दीपक रावत का एक्शन, भूमि विवाद से लेकर धोखाधड़ी तक कई मामलों में दिए तत्काल निर्देश
दून पुलिस ने वाहन चोरी का किया खुलासा, शातिर चोर गिरफ्तार
दून पुलिस ने वाहन चोरी का किया खुलासा, शातिर चोर गिरफ्तार
सत्य, सेवा और संस्कारों की राह दिखाता है श्री राम का आदर्श: रेखा आर्या
सत्य, सेवा और संस्कारों की राह दिखाता है श्री राम का आदर्श: रेखा आर्या
ऑपरेशन प्रहार: प्रेमनगर में जुए के अड्डे पर पुलिस की छापेमारी, 3 जुआरी गिरफ्तार
ऑपरेशन प्रहार: प्रेमनगर में जुए के अड्डे पर पुलिस की छापेमारी, 3 जुआरी गिरफ्तार
तकनीकी विश्वविद्यालय पेपर लीक मामले पर कांग्रेस का प्रदर्शन, विश्वविद्यालय का घेराव कर सरकार को घेरा
तकनीकी विश्वविद्यालय पेपर लीक मामले पर कांग्रेस का प्रदर्शन, विश्वविद्यालय का घेराव कर सरकार को घेरा
एसजीआरआरयू में स्कूल आॅफ हाॅस्पिटैलिटी एण्ड टूरिज्म मैनेजमेंट के अत्याधुनिक भवन का भव्य उद्घाटन
एसजीआरआरयू में स्कूल आॅफ हाॅस्पिटैलिटी एण्ड टूरिज्म मैनेजमेंट के अत्याधुनिक भवन का भव्य उद्घाटन
उत्तराखंड में जीएसटी संग्रहण में उल्लेखनीय बढ़ोतरी, नेट एसजीएसटी 24% बढ़ा
उत्तराखंड में जीएसटी संग्रहण में उल्लेखनीय बढ़ोतरी, नेट एसजीएसटी 24% बढ़ा
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया अपने पद से इस्तीफा
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया अपने पद से इस्तीफा
हरिद्वार का गंगाजल अब पीने लायक नहीं, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दी चेतावनी

हरिद्वार। अगर आप हरिद्वार में रहते हैं या गंगा जल का उपयोग पीने के लिए करते हैं, तो अब सतर्क हो जाइए। उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, हरिद्वार में गंगा नदी का पानी अब ‘B’ श्रेणी में पाया गया है, जो पीने के लिए असुरक्षित है। हालांकि, इस पानी से नहाने में कोई खतरा नहीं है।

बोर्ड हर महीने हरिद्वार के आसपास उत्तर प्रदेश की सीमा पर लगभग आठ स्थानों से गंगा के पानी के नमूने लेकर जांच करता है।

गंगा जल ‘B’ श्रेणी में पाया गया
नवंबर माह की जांच के दौरान गंगा का पानी ‘B’ कैटगरी में आया, जो यह दर्शाता है कि पानी को कीटाणुरहित करने के बाद भी पीने के लिए सुरक्षित नहीं माना जा सकता। पानी को गुणवत्ता के आधार पर पांच श्रेणियों में विभाजित किया गया है। इनमें ‘A’ श्रेणी सबसे साफ और पीने योग्य होती है, जबकि ‘E’ सबसे अधिक प्रदूषित मानी जाती है।

क्या बोले अधिकारी?
उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि पानी की गुणवत्ता चार मापदंडों – पीएच, घुलित ऑक्सीजन, जैविक ऑक्सीजन और कुल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया – के आधार पर जांची जाती है। हरिद्वार का गंगा जल नहाने के लिए उपयुक्त है, लेकिन पीने के लिए नहीं।

पुजारी ने जताई चिंता
स्थानीय पुजारी उज्ज्वल पंडित ने गंगा जल में बढ़ते प्रदूषण पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि गंगा की शुद्धता मानव मल के कारण प्रभावित हो रही है। उन्होंने यह भी कहा, “गंगा जल से नहाने से शरीर की बीमारियां दूर होती हैं। लेकिन वर्तमान प्रदूषण की स्थिति चिंताजनक है, जिसे सुधारने की आवश्यकता है।”

नदियों में बढ़ता प्रदूषण चिंता का विषय
गंगा ही नहीं, देश की अन्य नदियां भी प्रदूषण से प्रभावित हो रही हैं। 1 दिसंबर को दिल्ली की यमुना नदी में जहरीले झाग की मोटी परत देखी गई, जिससे स्वास्थ्य पर संभावित खतरों को लेकर चिंता और बढ़ गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top