नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने रोहिणी के एक फाइनेंसर से कथित तौर पर एक करोड़ रुपये की रंगदारी वसूलने की साजिश के मामले में हरेंद्र नागर उर्फ केडी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने फाइनेंसर से सुरक्षा देने के नाम पर रकम मांगी थी। उसके पास से दो अवैध पिस्तौल और 14 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, फाइनेंसर ने रंगदारी देने से इनकार कर दिया तो आरोपी उसे नुकसान पहुंचाने के इरादे से दिल्ली पहुंचा था। क्राइम ब्रांच को 9 सितंबर को उसके दिल्ली में मौजूद होने और फाइनेंसर को धमकी भरे फोन किए जाने की जानकारी मिली। तकनीकी निगरानी के जरिए लोकेशन का पता लगाकर पुलिस टीम ने रोहिणी सेक्टर-24 में एक नाले के पास घेराबंदी की और उसे पकड़ लिया।
तलाशी के दौरान आरोपी की जेब से एक पिस्तौल और पांच कारतूस मिले। उसके बैग की जांच में दूसरी पिस्तौल बरामद हुई। बैग से चार कारतूस मिले, जबकि पांच अन्य जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए।
पुलिस जांच में सामने आया कि हरेंद्र नागर हरियाणा के अंबाला के बलदेव नगर थाने में दर्ज लूट के एक मामले में भी वांछित था। पुलिस के मुताबिक, 18 अगस्त को एक वैन से करीब 1.5 किलोग्राम सोने के आभूषण लूटे गए थे।
पूछताछ में नागर ने कथित तौर पर बताया कि उसने अपने सहयोगी दीपक के साथ मिलकर रोहिणी के फाइनेंसर से एक करोड़ रुपये वसूलने की योजना बनाई थी। इसके लिए धमकी भरे फोन किए गए थे। रकम नहीं मिलने पर वह फाइनेंसर को खत्म करने के इरादे से दिल्ली आया था।
अंबाला की वारदात के संबंध में आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने दीपक, छोटू और अन्य साथियों के साथ मिलकर वैन से सोने के आभूषण लूटे थे। उसके अनुसार, लूटे गए आभूषणों को बेचने की जिम्मेदारी दीपक की थी। हरियाणा पुलिस इस मामले में कुछ आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में नागर ने दीपक भौ गैंग से जुड़े होने की बात भी बताई और दावा किया कि हथियार व कारतूस उसे दीपक ने उपलब्ध कराए थे। नागर के खिलाफ दिल्ली और हरियाणा में फिरौती के लिए अपहरण, धोखाधड़ी, हमला और अवैध हथियार रखने समेत चार मामले पहले से दर्ज बताए गए हैं। पुलिस अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच कर रही है।
