Breaking News
पौधे नहीं, भविष्य की हरियाली तैयार कर रहा एमडीडीए
पौधे नहीं, भविष्य की हरियाली तैयार कर रहा एमडीडीए
नशा तस्करी के खिलाफ दून पुलिस की कार्रवाई, एनडीपीएस एक्ट में वांछित आरोपी गिरफ्तार
नशा तस्करी के खिलाफ दून पुलिस की कार्रवाई, एनडीपीएस एक्ट में वांछित आरोपी गिरफ्तार
नेपाल जा रही नाबालिग समेत दो लड़कियां बरामद, दो युवक गिरफ्तार
नेपाल जा रही नाबालिग समेत दो लड़कियां बरामद, दो युवक गिरफ्तार
घरेलू विवाद में पति ने दूसरी पत्नी की पीटकर हत्या की, आरोपी हिरासत में
घरेलू विवाद में पति ने दूसरी पत्नी की पीटकर हत्या की, आरोपी हिरासत में
दिनदहाड़े सूने मकान में चोरी, 50 हजार नकदी समेत साढ़े छह लाख के जेवर ले गए चोर
दिनदहाड़े सूने मकान में चोरी, 50 हजार नकदी समेत साढ़े छह लाख के जेवर ले गए चोर
निखार सबलोक हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता, कुख्यात अपराधी अभिमन्यु सिंह गिरफ्तार
निखार सबलोक हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता, कुख्यात अपराधी अभिमन्यु सिंह गिरफ्तार
शिक्षक केवल विद्यार्थी का नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करता है- मुख्यमंत्री
शिक्षक केवल विद्यार्थी का नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करता है- मुख्यमंत्री
विदेश भेजने के नाम पर 90 लोगों से 78 लाख की ठगी का आरोप, चार सऊदी में फंसे
विदेश भेजने के नाम पर 90 लोगों से 78 लाख की ठगी का आरोप, चार सऊदी में फंसे
दिव्यांगजनों की प्रतिभा और उपलब्धियों को मिलेगा सम्मान
दिव्यांगजनों की प्रतिभा और उपलब्धियों को मिलेगा सम्मान
राहुल वायनाड से ही लड़ेंगे

कांग्रेस नेता राहुल गांधी केरल की वायनाड सीट से ही चुनाव लड़ेंगे। वामपंथी पार्टियों की अपील कांग्रेस ने ठुकरा दी है। गौरतलब है कि वामपंथी पार्टियों के साथ कांग्रेस का और विपक्षी गठबंधन का कई राज्यों में तालमेल होना है। लेकिन केरल में सीपीएम के नेतृत्व वाले एलडीएफ और कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ को अलग अलग लडऩा है। तभी एलडीएफ के नेता चाहते थे कि राहुल गांधी केरल से न लड़ें। राहुल के केरल से लडऩे का फायदा यह हुआ था कि पिछले चुनाव में यूडीएफ ने 20 में से 19 लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज की थी, जिसमें कांग्रेस को अकेले 15 सीटें मिली थीं।

राहुल गांधी वायनाड सीट से बड़े अंतर से जीते थे। हालांकि वे अमेठी सीट पर चुनाव हार गए थे। इस बार भी एलडीएफ को लग रहा है कि राहुल के लडऩे का फायदा कांग्रेस को होगा। ध्यान रहे 2019 के लोकसभा चुनाव के दो साल बाद 2021 में हुए विधानसभा चुनाव में एलडीएफ की जीत हुई थी। इसलिए भी एलडीएफ को लग रहा है कि लोग लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का समर्थन कर सकते हैं। अगर राहुल नहीं लड़ते तो लेफ्ट को कुछ फायदा हो सकता था। बताया जा रहा है कि एलडीएफ के अंदर हुए सीट बंटवारे के तहत सीपीआई को चार सीटें मिली हैं, जिसमें वायनाड की सीट भी है। पिछली बार सीपीआई के पीपी सुनीर इस सीट से लड़े थे। इस बार कहा जा रहा है कि सीपीआई के महासचिव डी राजा की पत्नी एनी राजा इस सीट से लड़ सकती हैं। बताया जा रहा है कि डी राजा भी चाहते थे कि राहुल इस सीट से नहीं लड़ें। लेकिन राहुल भले उत्तर भारत की भी किसी सीट से लड़ें लेकिन वायनाड जरूर लड़ेंगे क्योंकि उसका असर दक्षिण के दूसरे राज्यों पर भी होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top