Breaking News
NEET-UG साल में एक से ज्यादा बार कराने की सिफारिश, छात्रों पर दबाव कम करने का सुझाव
NEET-UG साल में एक से ज्यादा बार कराने की सिफारिश, छात्रों पर दबाव कम करने का सुझाव
लोकगायक और UKD नेता पवन सेमवाल गिरफ्तार, स्कूटी जलाने के मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई
लोकगायक और UKD नेता पवन सेमवाल गिरफ्तार, स्कूटी जलाने के मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 12 वर्ष सेवा,सुशासन और विकास को समर्पित : हेमंत द्विवेदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 12 वर्ष सेवा,सुशासन और विकास को समर्पित : हेमंत द्विवेदी
मौसम अलर्ट: उत्तराखंड के 7 जिलों में 11 और 12 जून को ऑरेंज अलर्ट जारी
मौसम अलर्ट: उत्तराखंड के 7 जिलों में 11 और 12 जून को ऑरेंज अलर्ट जारी
राज्य और राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं में देरी नहीं होगी बर्दाश्त: डीएम डॉ. आशीष चौहान
राज्य और राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं में देरी नहीं होगी बर्दाश्त: डीएम डॉ. आशीष चौहान
सीएम घोषणाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, डीएम ने दिए कड़े निर्देश
सीएम घोषणाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, डीएम ने दिए कड़े निर्देश
रंगदारी और फायरिंग कांड का खुलासा, आरोपी अमन अवैध तमंचे के साथ गिरफ्तार
रंगदारी और फायरिंग कांड का खुलासा, आरोपी अमन अवैध तमंचे के साथ गिरफ्तार
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने की SIR अभियान की समीक्षा, तीन दिन में 19 लाख से अधिक फार्म वितरित
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने की SIR अभियान की समीक्षा, तीन दिन में 19 लाख से अधिक फार्म वितरित
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून द्वारा घण्टाघर में “सडक सुरक्षा जीवन रक्षा” अभियान के अंतर्गत जागरूकता अभियान
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून द्वारा घण्टाघर में “सडक सुरक्षा जीवन रक्षा” अभियान के अंतर्गत जागरूकता अभियान
हलफनामा दाखिल न करने पर सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी, तीन नवंबर को सुनवाई में पेश होने का आदेश दिया

नई दिल्ली- सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में बढ़ रही आवारा कुत्तों की समस्या पर गंभीर रुख अपनाया है। अदालत ने सोमवार को इस मामले में स्वतः संज्ञान वाली याचिका की सुनवाई करते हुए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को तीन नवंबर को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि कई राज्यों ने अब तक अदालत के आदेशों का पालन नहीं किया है और न ही आवश्यक हलफनामे दाखिल किए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि “यह कोई हल्की बात नहीं है, यह पूरे देश की सार्वजनिक सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है।”

जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की तीन जजों की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए पाया कि अब तक केवल दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), पश्चिम बंगाल और तेलंगाना ने ही अपने जवाब दाखिल किए हैं। बाकी राज्यों से कोई ठोस रिपोर्ट नहीं आई है।

गौरतलब है कि अदालत ने 22 अगस्त को ही सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आवारा कुत्तों की स्थिति पर विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया था। उस समय कोर्ट ने इस मामले का दायरा दिल्ली-एनसीआर से बढ़ाकर पूरे देश तक कर दिया था।

पिछले आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा था कि आवारा कुत्तों को पकड़ने के बाद उनकी नसबंदी और टीकाकरण कराना जरूरी है, जिसके बाद उन्हें उसी क्षेत्र में छोड़ा जाए। लेकिन, कई राज्यों ने इन दिशानिर्देशों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।

अदालत ने सख्त लहजे में कहा कि यदि अगले हफ्ते तक सभी राज्य सरकारें अपने-अपने हलफनामे दाखिल नहीं करतीं, तो उनके मुख्य सचिवों को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होना पड़ेगा। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मुद्दे को अब “सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रखा जाएगा”, बल्कि पूरे देश में इसके लिए एक समान नीति तैयार की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top