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भोजन करने का सही तरीका कौन सा है, आइये जानते हैं क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ

आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में लोग क्या खा रहे हैं इस पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन कैसे खा रहे हैं, इस पर कम ध्यान दिया जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि भोजन का तरीका और बैठने की मुद्रा भी पाचन और संपूर्ण स्वास्थ्य पर गहरा असर डालती है। सही पोस्चर में भोजन करना न केवल पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है, बल्कि कई स्वास्थ्य समस्याओं से भी बचाव कर सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार आजकल कई लोग सोफे, बिस्तर या आरामदायक मुद्रा में लेटकर या झुककर भोजन करने की आदत रखते हैं, जो पाचन तंत्र के लिए सही नहीं मानी जाती। गलत पोस्चर में भोजन करने से पेट पर दबाव बढ़ता है और शरीर को भोजन पचाने में अधिक मेहनत करनी पड़ती है। इसके कारण बदहजमी, गैस, एसिडिटी और ओवरईटिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि भोजन करते समय रीढ़ की हड्डी को सीधा रखकर बैठना सबसे बेहतर माना जाता है। पारंपरिक तरीके से पालथी मारकर यानी सुखासन में बैठकर भोजन करना पाचन के लिए लाभकारी माना जाता है। इससे पेट की मांसपेशियों को पर्याप्त जगह मिलती है और पाचन प्रक्रिया सुचारू रूप से काम करती है। यदि जमीन पर बैठना संभव न हो तो डाइनिंग टेबल पर भी सीधे बैठकर आराम से भोजन किया जा सकता है।

विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि भोजन को धीरे-धीरे और अच्छी तरह चबाकर खाना चाहिए। जल्दबाजी में भोजन करने से हवा भी पेट में चली जाती है, जिससे गैस और भारीपन की समस्या बढ़ सकती है। इसके साथ ही पेट को पूरी तरह भरने के बजाय लगभग 70 से 80 प्रतिशत तक ही भोजन करना स्वास्थ्य के लिए बेहतर माना जाता है।

खाना खत्म करने के तुरंत बाद उठने के बजाय कुछ देर शांत बैठना भी फायदेमंद बताया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार भोजन के बाद कुछ मिनट आराम से बैठने से शरीर पाचन प्रक्रिया के लिए तैयार होता है और भोजन बेहतर तरीके से पचता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि खानपान की सही आदतों के साथ-साथ भोजन करने का सही तरीका अपनाना भी जरूरी है। यह छोटा सा बदलाव पाचन संबंधी समस्याओं को कम करने के साथ-साथ शरीर को अधिक ऊर्जावान और स्वस्थ बनाए रखने में मदद कर सकता है।

(साभार)

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