Breaking News
उत्तराखंड में बढ़ी वनाग्नि की घटनाएं, फायर सीजन में अब तक 73 मामले दर्ज
उत्तराखंड में बढ़ी वनाग्नि की घटनाएं, फायर सीजन में अब तक 73 मामले दर्ज
मुख्यमंत्री धामी ने सपरिवार मनाया लोकपर्व फूलदेई, प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री धामी ने सपरिवार मनाया लोकपर्व फूलदेई, प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं
एफआईएच महिला विश्व कप क्वालिफायर- इटली को हराकर भारत पहुंचा फाइनल में
एफआईएच महिला विश्व कप क्वालिफायर- इटली को हराकर भारत पहुंचा फाइनल में
राम गोपाल वर्मा ने किया ‘सरकार 4’ का ऐलान, जल्द शुरू होगी फिल्म की शूटिंग
राम गोपाल वर्मा ने किया ‘सरकार 4’ का ऐलान, जल्द शुरू होगी फिल्म की शूटिंग
योग वह दिव्य चेतना है, जिसने पूरे विश्व को स्वस्थ जीवन जीने की प्रेरणा दी- सीएम धामी
योग वह दिव्य चेतना है, जिसने पूरे विश्व को स्वस्थ जीवन जीने की प्रेरणा दी- सीएम धामी
गणेशपुर में 30 बीघा की अवैध प्लॉटिंग पर चला एमडीडीए का बुलडोजर
गणेशपुर में 30 बीघा की अवैध प्लॉटिंग पर चला एमडीडीए का बुलडोजर
20 मार्च तक जनपद की सभी सहकारी समितियों का कंप्यूटरीकरण पूर्ण करें- जिलाधिकारी
20 मार्च तक जनपद की सभी सहकारी समितियों का कंप्यूटरीकरण पूर्ण करें- जिलाधिकारी
भोजन करने का सही तरीका कौन सा है, आइये जानते हैं क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ
भोजन करने का सही तरीका कौन सा है, आइये जानते हैं क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ
सीएम धामी के सख्त निर्देश के बाद इकबालपुर पुलिस चौकी के सभी छह पुलिसकर्मी निलंबित
सीएम धामी के सख्त निर्देश के बाद इकबालपुर पुलिस चौकी के सभी छह पुलिसकर्मी निलंबित
देहरादून आपदा- शिखर फॉल से जुड़ी मुख्य पेयजल लाइन पूरी तरह क्षतिग्रस्त, पानी के लिए तरसे हजारों लोग

प्राकृतिक स्रोतों पर लगी लंबी कतारें, लोग डिब्बे-कैन लेकर भर रहे पानी

देहरादून। देहरादून में आपदा से मची तबाही का असर अब तक खत्म नहीं हो पाया है। सड़कों, पुलों और घरों के साथ-साथ पेयजल लाइनों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। स्थिति यह है कि दून के करीब 35 हजार लोग पिछले कुछ दिनों से पानी की गंभीर किल्लत झेल रहे हैं।

शिखर फॉल से जुड़ी मुख्य पेयजल लाइन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिसकी वजह से राजपुर, जाखन, मालसी, कुठालगेट, सपेरा बस्ती, सुमन नगर और कैरवान गांव जैसे क्षेत्रों में सप्लाई पूरी तरह ठप है। मजबूरन लोग ओल्ड मसूरी रोड किनारे बह रहे प्राकृतिक स्रोतों से पानी भरने को मजबूर हैं। सुबह से ही लोग लाइन लगाकर बर्तन, डिब्बे और केन में पानी भरते नजर आते हैं। कई युवक यहीं नहाते हैं तो महिलाएं कपड़े धोकर काम चला रही हैं।

सचिव पेयजल शैलेश बगौली ने 17 सितंबर को निर्देश दिए थे कि 19 सितंबर तक आपूर्ति बहाल कर दी जाए, लेकिन अब तक स्थिति जस की तस है। जल संस्थान की टीमें लगातार मरम्मत में जुटी हैं और प्रभावित क्षेत्रों में टैंकर भेजे जा रहे हैं, हालांकि जहां सड़कें टूटी हुई हैं वहां टैंकर भी नहीं पहुंच पा रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top