Breaking News
बार-बार थकना और ज्यादा प्यास लगना! बच्चों में दिखें ये बदलाव तो हो जाएं सावधान
बार-बार थकना और ज्यादा प्यास लगना! बच्चों में दिखें ये बदलाव तो हो जाएं सावधान
लैंडिंग के बाद बेकाबू हुआ अमेजन का कार्गो विमान, कई गाड़ियों को मारी टक्कर, 5 लोगों की मौत
लैंडिंग के बाद बेकाबू हुआ अमेजन का कार्गो विमान, कई गाड़ियों को मारी टक्कर, 5 लोगों की मौत
चांदन नदी रेलवे पुल के पास मिला युवक का शव, शरीर पर चोट के निशान; हत्या की आशंका
चांदन नदी रेलवे पुल के पास मिला युवक का शव, शरीर पर चोट के निशान; हत्या की आशंका
‘हनुमान अंश’ का बॉक्स ऑफिस पर तूफान, 120 करोड़ के पार पहुंची कमाई
‘हनुमान अंश’ का बॉक्स ऑफिस पर तूफान, 120 करोड़ के पार पहुंची कमाई
Vi के शेयर में अचानक आई तेजी, 3% से ज्यादा चढ़ा स्टॉक
Vi के शेयर में अचानक आई तेजी, 3% से ज्यादा चढ़ा स्टॉक
श्रेया हत्याकांड का मुख्य आरोपी विवेक चौबे मुठभेड़ में गिरफ्तार, पैर में लगी गोली
श्रेया हत्याकांड का मुख्य आरोपी विवेक चौबे मुठभेड़ में गिरफ्तार, पैर में लगी गोली
मां की गोद में खेल रहे 3 साल के मासूम की हत्या, लोहे की कुंडी से गर्दन पर किया वार
मां की गोद में खेल रहे 3 साल के मासूम की हत्या, लोहे की कुंडी से गर्दन पर किया वार
‘सेवा ही संगठन’ के संकल्प के साथ भाजपा ने तैयार किया जनसेवा का रोडमैप
‘सेवा ही संगठन’ के संकल्प के साथ भाजपा ने तैयार किया जनसेवा का रोडमैप
‘सेवा ही संगठन’ के संकल्प के साथ भाजपा ने तैयार किया जनसेवा का रोडमैप
‘सेवा ही संगठन’ के संकल्प के साथ भाजपा ने तैयार किया जनसेवा का रोडमैप
मुरैना बैंक घोटाला: 23 लाख के गबन में 8 बैंक कर्मचारी पर FIR

भोपाल- मध्य प्रदेश के मुरैना में बैंक ऑफ इंडिया की एक शाखा में हुए लाखों रुपये के गबन का बड़ा मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 8 बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज किया है।

यह कार्रवाई बैंक प्रबंधन की शिकायत के बाद की गई, जिसमें बताया गया था कि शाखा में वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं। जांच में खुलासा हुआ कि वर्ष 2013 से 2016 के बीच तैनात हेड कैशियर महेंद्र सिंह बाजौरिया समेत अन्य कर्मचारियों ने मिलकर करीब 23 लाख रुपये का गबन किया।

आरोप है कि कर्मचारियों ने ग्राहकों की जानकारी के बिना उनकी पहचान का दुरुपयोग कर फर्जी खाते खोले। साथ ही, कई खाताधारकों की फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडीआर) समय से पहले बंद कर उनकी रकम को जाली खातों में ट्रांसफर कर लिया गया।

जांच में यह भी सामने आया कि कुल 11 एफडीआर को तोड़कर करीब 23 लाख रुपये फर्जी दस्तावेजों और वाउचरों के जरिए निकाल लिए गए। इस पूरे घोटाले को बेहद संगठित तरीके से अंजाम दिया गया।

ईओडब्ल्यू ने इस मामले में धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और आगे और भी खुलासे हो सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top