Breaking News
घर में फंदे से लटका मिला 28 वर्षीय महिला का शव, मायके पक्ष ने लगाया दहेज हत्या का आरोप
घर में फंदे से लटका मिला 28 वर्षीय महिला का शव, मायके पक्ष ने लगाया दहेज हत्या का आरोप
पेट दर्द और सूजन को न करें नजरअंदाज, उभार दिखे तो हो जाएं सतर्क, हो सकता है हर्निया
पेट दर्द और सूजन को न करें नजरअंदाज, उभार दिखे तो हो जाएं सतर्क, हो सकता है हर्निया
शाम को घर से निकला युवक सुबह गांव के बाहर मृत मिला, शरीर पर चोट के निशान
शाम को घर से निकला युवक सुबह गांव के बाहर मृत मिला, शरीर पर चोट के निशान
अमेरिका-ईरान तनाव फिर चरम पर, तेल टैंकरों पर हमले के बाद बढ़ा टकराव
अमेरिका-ईरान तनाव फिर चरम पर, तेल टैंकरों पर हमले के बाद बढ़ा टकराव
‘हैवान’ को सेंसर बोर्ड की हरी झंडी, 11 सितंबर को सिनेमाघरों में दस्तक देगी फिल्म
‘हैवान’ को सेंसर बोर्ड की हरी झंडी, 11 सितंबर को सिनेमाघरों में दस्तक देगी फिल्म
अवैध हथियार नेटवर्क का पर्दाफाश, सोनू दरियापुर गिरोह से जुड़ा बदमाश गिरफ्तार; 8 हथियार बरामद
अवैध हथियार नेटवर्क का पर्दाफाश, सोनू दरियापुर गिरोह से जुड़ा बदमाश गिरफ्तार; 8 हथियार बरामद
13 साल की बेटी से दुष्कर्म करने वाले पिता को उम्रकैद, 20 हजार का जुर्माना
13 साल की बेटी से दुष्कर्म करने वाले पिता को उम्रकैद, 20 हजार का जुर्माना
नितिन नबीन के कुमाऊं दौरे को लेकर तैयारियां तेज, मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों के साथ की बैठक
नितिन नबीन के कुमाऊं दौरे को लेकर तैयारियां तेज, मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों के साथ की बैठक
जर्जर भवनों का होगा सर्वे, डीएम ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
जर्जर भवनों का होगा सर्वे, डीएम ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
सोनप्रयाग से केदारनाथ तक 12.9 किलोमीटर लंबी रोपवे परियोजना को केंद्र से मिली मंजूरी

36 लोगों के बैठने की होगी क्षमता 

देहरादून। केदारनाथ रोपवे प्रोजेक्ट और हेमकुंड रोपवे प्रोजेक्ट को केंद्र से मंजूरी मिल गई है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय रोपवे विकास कार्यक्रम की पर्वतमाला परियोजना के तहत उत्तराखंड में सोनप्रयाग से केदारनाथ तक 12.9 किलोमीटर लंबी रोपवे परियोजना को मंजूरी दे दी है।  केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, इसका बड़ा फायदा यह होगा वर्तमान में यात्रा में 8-9 घंटे का समय लगता है, लेकिन रोपवे बनने के बाद यह समय घटकर 36 मिनट रह जाएगा। इसमें 36 लोगों के बैठने की क्षमता होगी।

सोनप्रयाग से बनाए जाने वाले केदारनाथ रोपवे या केबिल कार परियोजना का जिम्मा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट लि. को दिया गया है। एजेंसी परियोजना की डीपीआर तैयार कर रही है। जानकारों का कहना है कि केदारनाथ यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए दो ही विकल्प हैं। पहला पैदल यात्रा का है, लेकिन यह बुजुर्गों, बच्चों और दिव्यांगों के लिए दुष्कर है। दूसरा विकल्प रोपवे या केबिल कार का है, जो बच्चों, वृद्धों, जवानों व दिव्यांगों सभी की यात्रा को सुगम बनाने वाला है।

केदारनाथ रोपवे बनने के बाद राज्य में हेली सेवाएं सीमित हो जाएंगी। हिमालय की सर्वाधिक खतरनाक घाटियों में से एक केदारनाथ के लिए हेली टैक्सी यात्रा बेहद जोखिम भरी मानी जाती है। रोपवे बनने के बाद हेली सेवा से केदारनाथ की यात्रा करने का क्रेज कम हो जाएगा। सुरक्षित और किफायती होने की वजह से यात्री रोपवे या केबिल कार के माध्यम से यात्रा करना ज्यादा पसंद करेंगे। ऐसी स्थिति में हेली सेवाएं सीमित हो जाएंगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top