Breaking News
उत्तराखंड में बढ़ी वनाग्नि की घटनाएं, फायर सीजन में अब तक 73 मामले दर्ज
उत्तराखंड में बढ़ी वनाग्नि की घटनाएं, फायर सीजन में अब तक 73 मामले दर्ज
मुख्यमंत्री धामी ने सपरिवार मनाया लोकपर्व फूलदेई, प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री धामी ने सपरिवार मनाया लोकपर्व फूलदेई, प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं
एफआईएच महिला विश्व कप क्वालिफायर- इटली को हराकर भारत पहुंचा फाइनल में
एफआईएच महिला विश्व कप क्वालिफायर- इटली को हराकर भारत पहुंचा फाइनल में
राम गोपाल वर्मा ने किया ‘सरकार 4’ का ऐलान, जल्द शुरू होगी फिल्म की शूटिंग
राम गोपाल वर्मा ने किया ‘सरकार 4’ का ऐलान, जल्द शुरू होगी फिल्म की शूटिंग
योग वह दिव्य चेतना है, जिसने पूरे विश्व को स्वस्थ जीवन जीने की प्रेरणा दी- सीएम धामी
योग वह दिव्य चेतना है, जिसने पूरे विश्व को स्वस्थ जीवन जीने की प्रेरणा दी- सीएम धामी
गणेशपुर में 30 बीघा की अवैध प्लॉटिंग पर चला एमडीडीए का बुलडोजर
गणेशपुर में 30 बीघा की अवैध प्लॉटिंग पर चला एमडीडीए का बुलडोजर
20 मार्च तक जनपद की सभी सहकारी समितियों का कंप्यूटरीकरण पूर्ण करें- जिलाधिकारी
20 मार्च तक जनपद की सभी सहकारी समितियों का कंप्यूटरीकरण पूर्ण करें- जिलाधिकारी
भोजन करने का सही तरीका कौन सा है, आइये जानते हैं क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ
भोजन करने का सही तरीका कौन सा है, आइये जानते हैं क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ
सीएम धामी के सख्त निर्देश के बाद इकबालपुर पुलिस चौकी के सभी छह पुलिसकर्मी निलंबित
सीएम धामी के सख्त निर्देश के बाद इकबालपुर पुलिस चौकी के सभी छह पुलिसकर्मी निलंबित
12 मई को विधि- विधान के साथ खुलेंगे बद्रीनाथ धाम के कपाट

नरेंद्रनगर। बद्रीनाथ धाम के कपाट 12 मई को ब्रह्ममुहुर्त में सुबह 6 बजे खुलेंगे। आज बसंत पंचमी के अवसर पर नरेंद्रनगर (टिहरी) स्थित राजदरबार में कपाट खुलने की तिथि घोषित की गई। बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय करने की प्रक्रिया के लिए गाडूघड़ा (तेल-कलश) श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर डिम्मर से मंगलवार शाम श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के चंद्रभागा स्थित विश्राम गृह पहुंच गया था। जहां श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति सहित श्रद्धालुओं ने तेल-कलश का स्वागत किया।

बीकेटीसी के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने बताया कि श्री डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत की ओर से गाडूघड़ा राजमहल को सौंपा गया। इसके बाद राजमहल से गाडूघड़ा में तिल का तेल पिरोया गया। श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने से पूर्व तिल का तेल पिरोने के बाद गाडूघड़ा नरेंद्रनगर राजदरबार से डिम्मर होते हुए श्री नृसिंह मंदिर, योग बदरी पांडुकेश्वर से श्री बदरीनाथ धाम पहुंचाया जाएगा। कपाट खुलने के बाद यह तेल-कलश भगवान बदरी विशाल के नित्य अभिषेक के लिए प्रयोग में लाया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top