Breaking News
मुख्यमंत्री धामी ने मां अग्नेरी के ऐतिहासिक मंदिर प्रांगण में आयोजित चैत्र अष्टमी मेले में किया प्रतिभाग
मुख्यमंत्री धामी ने मां अग्नेरी के ऐतिहासिक मंदिर प्रांगण में आयोजित चैत्र अष्टमी मेले में किया प्रतिभाग
मुख्यमंत्री धामी ने युवा ऑल स्टार्स चैंपियनशिप-2025 में लिया हिस्सा
मुख्यमंत्री धामी ने युवा ऑल स्टार्स चैंपियनशिप-2025 में लिया हिस्सा
मुख्य सचिव ने आपदा प्रबंधन विभाग की समीक्षा की
मुख्य सचिव ने आपदा प्रबंधन विभाग की समीक्षा की
उत्तराखंड चारधाम यात्रा 2025 की तैयारियों की समीक्षा
उत्तराखंड चारधाम यात्रा 2025 की तैयारियों की समीक्षा
आईपीएल 2025 के 16वें मुकाबले में आज लखनऊ सुपर जाएंट्स से भिड़ेगी मुंबई इंडियंस
आईपीएल 2025 के 16वें मुकाबले में आज लखनऊ सुपर जाएंट्स से भिड़ेगी मुंबई इंडियंस
कुछ लोगों की निजी जागीर बनकर रह गया था वक्फ बोर्ड- महाराज
कुछ लोगों की निजी जागीर बनकर रह गया था वक्फ बोर्ड- महाराज
सिनेमाघरों में नहीं चला मोहनलाल की फिल्म  ‘एल 2 एम्पुरान’ का जादू, लगातार घट रही कमाई
सिनेमाघरों में नहीं चला मोहनलाल की फिल्म  ‘एल 2 एम्पुरान’ का जादू, लगातार घट रही कमाई
मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन, डीएम के सतत् प्रयास, मुख्यधारा में लौटते बच्चे
मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन, डीएम के सतत् प्रयास, मुख्यधारा में लौटते बच्चे
वक्फ बिल को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने- सामने
वक्फ बिल को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने- सामने
सिलक्यारा सुरंग में मलबे को हटाने के लिए कार्ययोजना की तैयार, 20 करोड़ रुपये होंगे खर्च

चिन्यालीसौड़। सिलक्यारा सुरंग में भूस्खलन से आए मलबे को हटाने में 20 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मलबे को हटाने के लिए स्विट्जरलैंड की कंपनी से मदद मांगी गई थी, जिसने 20 करोड़ की कार्ययोजना (डीपीआर) तैयार की है। मलबा हटाने का काम तीन-चार दिन में शुरू होगा। पिछले साल 12 नवंबर को यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग में भूस्खलन से सुरंग में काम कर रहे 41 मजदूर फंस गए थे, जिन्हें 17 दिन बाद सुरक्षित निकाल लिया गया था। हादसे के बाद ढाई महीने से अधिक समय तक सुरंग का निर्माण ठप रहा। 23 जनवरी को केंद्र ने एनएचआईडीसीएल को निर्माण शुरू करने की अनुमति दी, जिसके बाद बड़कोट से निर्माण शुरू हुआ।

सिलक्यारा छोर से भूस्खलन के मलबे से निर्माण शुरू नहीं हो पाया। निर्माण शुरू करने के लिए सुरंग में रिसाव से जमा पानी की निकासी शुरू की गई, जिसके बाद अगली चुनौती भूस्खलन का मलबा हटाने की है। निर्माणदायी कंपनी नवयुगा ने तैयारी शुरू कर दी है। मलबा हटाने के लिए स्विट्जरलैंड की कंपनी से तकनीकी मदद मांगी गई थी, जिसने मलबा हटाने के लिए करीब 20 करोड़ की डीपीआर तैयार की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top